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Up kiran,Digital Desk : यूक्रेन ने ऐलान किया है कि वह अगले साल रूस पर और भी घातक और बड़े हमले करने की तैयारी कर रहा है। यह कोई खोखली धमकी नहीं, बल्कि यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक टॉप कमांडर का खुलासा है। उन्होंने साफ कहा है कि यूक्रेन के छोटे-छोटे समुद्री ड्रोन्स ने पहले ही रूस के विशाल ब्लैक सी फ्लीट (काला सागर के बेड़े) को घुटनों पर ला दिया है और उन्हें अपने ही अड्डों में छिपने पर मजबूर कर दिया है।

समुद्र में निकलने से भी डर रहे रूसी जंगी जहाज

यूक्रेन की स्पेशल समुद्री ड्रोन यूनिट 'ग्रुप 13' के कमांडर (जिनका कोडनेम '13th' है) ने बताया कि उनके हमलों के बाद रूस को अपनी पूरी रणनीति बदलनी पड़ी है। हालत यह है कि अब रूस के बड़े-बड़े जंगी जहाज समुद्र में निकलने से भी डरते हैं।

कमांडर के मुताबिक, "अब रूसी नौसेना के जहाज मुश्किल से 40 किलोमीटर तक ही समुद्र में जाते हैं, मिसाइल दागते हैं और तुरंत वापस भाग जाते हैं। वे लगातार छिप रहे हैं। आप सोचिए, एक ऐसे बेड़े को चलाना कितना महंगा और बेकार है, जो समुद्र में लड़ ही न सके।"

क्या है यूक्रेन का यह गुप्त हथियार?

यूक्रेन की इस कामयाबी के पीछे है उसकी ड्रोन टेक्नोलॉजी, जो जंग में गेम-चेंजर साबित हुई है। ये ड्रोन सस्ते हैं, लेकिन बेहद असरदार हैं।

  • दो तरह के किलर ड्रोन: यूक्रेन 'मैगुरा' नाम के समुद्री ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है। इसके दो मॉडल हैं- V5, जो छोटा है और सीधा जहाज से जाकर टकराता है, और V7, जो एक बड़ा प्लेटफॉर्म है जिस पर हथियार भी लगाए जा सकते हैं।
  • गेमिंग स्टाइल में कंट्रोल: इन ड्रोन्स को रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। ऑपरेटर एक सूटकेस जितने कंट्रोलर, जॉयस्टिक और स्क्रीन के जरिए दुश्मन पर हमला करते हैं, जैसे कोई वीडियो गेम खेल रहे हों।
  • जब ड्रोन ने मार गिराया फाइटर जेट: इस टेक्नोलॉजी की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मई में एक V7 ड्रोन ने अमेरिकी साइडविंडर मिसाइलों का इस्तेमाल करके एक रूसी फाइटर जेट को मार गिराया था। कमांडर ने इसे समुद्री जंग के इतिहास में एक "ऐतिहासिक कामयाबी" बताया।

आगे क्या है यूक्रेन का प्लान?

कमांडर ने माना कि रूस ने भले ही अपनी रणनीति बदल ली है और अब बड़े हमले कम हो गए हैं, लेकिन यूक्रेन चुप नहीं बैठा है। उन्होंने कहा, "हम दुश्मन की हरकतों पर नजर रखे हुए हैं और कई मोर्चों पर काम कर रहे हैं ताकि एक निर्णायक पल आ सके। हमने अपनी ताकत नहीं खोई है, बस सही मौके का इंतजार कर रहे हैं।"

साफ है कि यह शांति से पहले का सन्नाटा है। यूक्रेन अपने ड्रोन बेड़े को और भी खतरनाक बनाने में जुटा है और अगले साल रूस को समुद्र में कुछ बड़े और अप्रत्याशित हमलों का सामना करना पड़ सकता है