img

Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में रहने वाले वृद्धों के लिए वर्ष 2025 बहुत विशेष साबित हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलायी जा रही राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना वर्ष 2025 में सामाजिक सुरक्षा का मज़बूत आधार बनकर उभरी है। 

समाज कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत पिछले आठ महीनों में राज्यभर में 9.83 लाख नए योग्य वृद्धजनों को जोड़ा गया है, जिससे कुल पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 67.50 लाख तक पहुँच गई है। विभाग ने यह भी व्यवस्था की है कि जैसे ही परिवार का प्रमुख 60 साल की उम्र पार करेगा, उसके खाते में बुढ़ापे की पेंशन योजना की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। प्रदेश की योगी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का मज़बूत सहारा प्रदान किया है।

कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने आज बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुसार वृद्धजनों को सम्मानजनक सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देने की दिशा में यह योजना लगातार मजबूत हो रही है। इस योजना में डिजिटल निगरानी, आधार आधारित सत्यापन और निरंतर मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पेंशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है तथा यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकारी सहायता केवल सही पात्रों तक पहुंचे।

67.50 लाख तक पहुंचे लाभार्थी
वर्ष 2024 में जहां राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 61.00 लाख वृद्धजन लाभान्वित हो रहे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 67.50 लाख हो गई है। मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों में यह वृद्धि योगी सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

नियमित सत्यापन से अपात्र नाम हटे
योजना की शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा नियमित सत्यापन और मूल्यांकन किया गया। इसके अंतर्गत वर्ष 2024 में 1.77 लाख, जबकि वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक और अपात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से हटा दिए गए। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि पेंशन राशि केवल असली और योग्य वृद्धजनों को ही प्राप्त हो।

योग्य वृद्धजनों को मिले प्रारंभिक लाभ
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी योग्य वृद्धजन पेंशन योजना से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 में 9.83 लाख नए योग्य वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 7.08 लाख थी।

60 वर्ष होते ही खाते में पहुंचेगी पेंशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना को और अधिक सरल बना दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत पात्रों की पहचान और सत्यापन परिवार आईडी ‘एक परिवार एक पहचान’ प्रणाली के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इससे कोई भी योग्य व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पेंशन राशि सीधे उसके बैंक खाते में प्राप्त कर सकेगा।