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Up kiran,Digital Desk : नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत होते ही निवेश के बाजार में हलचल तेज हो गई है। अगर आप अपनी लाडली के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश करते हैं, तो अगले 5 दिन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 5 अप्रैल से पहले किया गया निवेश आपको पूरे साल का अधिकतम ब्याज लाभ दिला सकता है। वर्तमान में सरकार इस योजना पर 8.2% की शानदार ब्याज दर दे रही है, जो कई अन्य बचत योजनाओं के मुकाबले काफी अधिक है।

5 तारीख का 'जादुई' नियम: देरी पड़ी तो होगा नुकसान

सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज की गणना एक विशेष नियम के आधार पर होती है। नियम के अनुसार, महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के अंतिम दिन तक खाते में जो न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) होता है, उसी पर ब्याज दिया जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आप 5 अप्रैल की समयसीमा चूक जाते हैं और 6 अप्रैल को पैसा जमा करते हैं, तो आपको अप्रैल महीने के लिए उस राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। अधिकतम मुनाफा कमाने के लिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे हर महीने की 5 तारीख से पहले ही किस्त जमा कर दें।

ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, सुरक्षा की पूरी गारंटी

केंद्र सरकार ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत साल 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी। हाल ही में सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए ब्याज दरों की समीक्षा की है, जिसमें सुकन्या समृद्धि योजना की दरों को 8.2% पर स्थिर रखा गया है। यह एक 'ट्रिपल ई' (EEE) कैटेगरी की योजना है, जिसमें निवेश की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं। सरकार मूलधन और ब्याज दोनों की शत-प्रतिशत गारंटी देती है।

खाता खोलने के लिए जरूरी नियम और दस्तावेज

सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी बालिका के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। इसे आप नजदीकी डाकघर या किसी भी अधिकृत सरकारी व निजी बैंक में जाकर खुलवा सकते हैं। आवेदन के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड और पैन कार्ड होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि जब तक बेटी 18 साल की नहीं हो जाती, तब तक अभिभावक ही इस खाते का संचालन और देखरेख करते हैं।