कृषि बिल : सांसद का आरोप, नए कृषि कानूनों पर, किसानों को बरगला रहे विपक्षी दल

खेती-किसानी से देश की संसद तक पहुंचे राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर ने नए कृषि कानूनों को देश के किसानों की किस्मत बदलने वाला बताया है

बलिया, 04 अक्टूबर यूपी किरण। खेती-किसानी से देश की संसद तक पहुंचे राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर ने नए कृषि कानूनों को देश के किसानों की किस्मत बदलने वाला बताया है। उन्होंने देश के विपक्षी दलों को शंका की बीमारी से ग्रस्त बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता किसानों को बरगला रहे हैं।
संसद के उच्च सदन में पहुंचे सकलदीप राजभर को 12 मार्च, 2018 को जब यह जानकारी दी गई थी कि उन्हें राज्यसभा में जाना है, तब वे अपने खेत में काम कर रहे थे। वह आज भी खेती-किसानी से जुड़े हैं। “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में नए कृषि कानूनों पर चल रही राजनीति को लेकर उन्होंने विपक्ष आड़े हाथों लिया।
राजभर ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि नए कानूनों से एमएसपी बेमानी हो जाएगा और किसान पूंजीपतियों के बंधुआ हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के दिमाग में शंका की बीमारी हो गई है। देश के किसानों को बरगलाने के लिए इस मुद्दे को घुमा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार एमएसपी पर ही खरीद करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बिहार की एक सभा में स्पष्ट तौर पर कहा था कि सबका दाम तय किया जाएगा। सरकारें एमएसपी पर कृषि उत्पादों को खरीदेंगी। किसान जहां चाहे अनाज बेच सकता है। ऐसे में किसान को नुकसान कहां हो रहा है? इसमें विपक्ष बेवजह राजनीति कर रहा है। हमारी सरकार के अच्छे काम को भी विपक्षी दल उल्टा बता रहे हैं।
किसान का भविष्य उद्योगपति तय करेंगे? इस सवाल के जवाब में राजभर ने कहा कि ये बिल्कुल गलत आंकलन है। अनाज सरकार को लेना ही है और वह निर्धारित एमएसपी पर अनाज खरीदेगी। उद्योगपति भी इससे कम पर किसानों से खरीद नहीं कर सकेंगे।पूंजीपति भी तो किसान से अनाज खरीदकर देश के विभिन्न भागों में बेचते हैं। जब अधिक मूल्य नहीं मिलता तो कोई क्यों दूसरी जगह अनाज ले जाता। कहीं भी ले जाकर कृषि उत्पाद बेचने की छूट किसानों के हित में है।
जिले में ‘ब्लैक राइस’ नामक धान की उन्नत प्रजाति की खेती करने वाले किसानों के सामने उसे बेचने की समस्या पर राजभर ने कहा कि मैं प्रदेश सरकार से मांग करूंगा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि जो जिन्स बोई जाती हैं, उनकी आसान खरीद हो, ताकि किसान प्रोत्साहित हों। उन्नत किस्में ही किसानों की किस्मत बदलेंगी।

 

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