'Cheese खत्म हो गया था...' मोमोज में नहीं मिला चीज, दुकानदार ने 20 रुपये रिफंड कर भेजा हाथ से लिखा नोट
आजकल स्ट्रीट फूड लवर्स के बीच मोमोज का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग अपनी मनपसंद वैरायटी जैसे तंदूरी, मलाई और चीज मोमोज के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। लेकिन सोचिए, अगर आप बड़े चाव से चीज मोमोज ऑर्डर करें और उसमें चीज ही न हो, तो आपका रिएक्शन क्या होगा? दिल्ली-एनसीआर के एक आउटलेट से ऐसा ही एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। दरअसल, एक ग्राहक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 'चीज मोमोज' ऑर्डर किए थे, लेकिन जब पार्सल घर पहुंचा तो उसमें चीज गायब था। इस गलती के बाद दुकानदार ने जो कदम उठाया, उसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
दुकानदार की ईमानदारी ने जीता ग्राहकों का दिल
जैसे ही ग्राहक को एहसास हुआ कि मोमोज में चीज नहीं है, उसने शिकायत करने या गुस्सा होने के बजाय पार्सल को ध्यान से देखा। मोमोज के डिब्बे के साथ दुकानदार ने एक हाथ से लिखा हुआ नोट (Handwritten Note) भेजा था। इस नोट में दुकानदार ने बेहद ईमानदारी और शालीनता से अपनी गलती स्वीकार की थी। नोट में लिखा था, "प्रिय ग्राहक, बेहद माफी चाहते हैं, लेकिन आज हमारे पास चीज खत्म हो गया था। इसलिए हमने आपके मोमोज में चीज नहीं डाला है।" दुकानदार की इस बेबाक ईमानदारी ने ग्राहक का गुस्सा पूरी तरह से शांत कर दिया।
20 रुपये कैश रिफंड के साथ भेजा पर्सनल नोट
दुकानदार सिर्फ माफी मांगकर ही नहीं रुका, बल्कि उसने प्रोफेशनल एथिक्स की एक बेहतरीन मिसाल पेश की। उसने नोट के साथ ₹20 का एक नोट भी स्टेपल करके भेजा था, जो कि नॉर्मल मोमोज और चीज मोमोज के बीच का प्राइस डिफरेंस था। यानी चीज न दे पाने के बदले दुकानदार ने ₹20 का रिफंड तुरंत और सीधे ग्राहक तक पहुंचा दिया। इस कस्टमाइज्ड कस्टमर सर्विस और अनोखे रिफंड के तरीके ने इंटरनेट यूजर्स को बेहद प्रभावित किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनोखा रिफंड
इस पूरे वाकये की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होते ही वायरल हो गई है। लोग दुकानदार की इस ईमानदारी और तुरंत रिफंड करने की सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि आज के दौर में जहां बड़ी-बड़ी कंपनियां रिफंड के लिए चक्कर कटवाती हैं, वहीं एक छोटे आउटलेट वाले ने ₹20 के लिए इतनी ईमानदारी दिखाई, जो काबिले तारीफ है। यह मामला डिजिटल दौर में भी हाथ से लिखे नोट और आपसी भरोसे की एक खूबसूरत कहानी बयां करता है।