शुक्रवार की शाम घर के इन 5 स्थानों पर जलाएं दीपक; खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी, दूर होगी कंगाली

शुक्रवार की शाम घर के इन 5 स्थानों पर जलाएं दीपक; खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी, दूर होगी कंगाली

हिंदू धर्म और वैदिक परंपरा में शुक्रवार के दिन को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। धन, वैभव और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे उत्तम होता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग कड़ी मेहनत के बाद भी पैसों की तंगी, लगातार धन हानि या बरकत न होने जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं।

ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, शुक्रवार की शाम यानी प्रदोष काल में यदि घर के कुछ खास पवित्र स्थानों पर दीपक जलाया जाए, तो घर की दरिद्रता दूर होती है और मां लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। आइए जानते हैं वे 5 महत्वपूर्ण स्थान कौन से हैं जहाँ शुक्रवार की शाम दीया जरूर जलाना चाहिए।

1. मुख्य द्वार (सिंहद्वार): जहां से होता है लक्ष्मी का प्रवेश

शास्त्रों के अनुसार, देवी लक्ष्मी घर के मुख्य द्वार से ही प्रवेश करती हैं। इसलिए शुक्रवार की शाम को घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर या कम से कम दाईं ओर एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए। यदि संभव हो तो गाय के शुद्ध देसी घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर के अंदर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियों का प्रवेश रुक जाता है।

2. पूजा गृह (मंदिर): कमल गट्टे की बत्ती से जगाएं भाग्य

घर का पूजा घर सबसे अधिक ऊर्जावान स्थान होता है। हर दिन की तरह शुक्रवार को भी मंदिर में मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें। यदि आप इस दिन रुई की बत्ती के स्थान पर कमल की बत्ती (कमल गट्टे की बत्ती) का प्रयोग करते हैं, तो मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। दीपक प्रज्वलित करने के बाद श्री लक्ष्मी अष्टोत्तरम का पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कई गुना बढ़ जाता है।

3. तुलसी कोटा (तुलसी का पौधा): सुख-समृद्धि का निवास

तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। शुक्रवार की शाम को तुलसी जी के पास दीपक जलाने से गृह क्लेश समाप्त होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। ध्यान रखें कि तुलसी कोटा पर सीधे जमीन पर दीपक न रखें; दीये के नीचे थोड़े से अक्षत (चावल) या ताजा फूल रखें और उसके ऊपर ही प्रमिदा (दीपक) जलाएं।

4. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): वास्तु दोषों से मुक्ति और व्यापार में लाभ

घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण देवताओं का स्थान माना जाता है। शुक्रवार को ईशान कोण की अच्छे से सफाई करके वहां एक छोटा सा दीपक जलाएं। यदि आप वहां मिट्टी के दीये में पिरामिडनुमा आकृति बनाकर दीपक रखते हैं, तो घर के सभी गंभीर वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। जो लोग व्यापार में बार-बार नुकसान झेल रहे हैं, उन्हें इस उपाय से धन लाभ मिलने लगता है।

5. रसोई घर (किचन): अन्नपूर्णा की कृपा से कभी खाली नहीं होंगे भंडार

रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है, जो लक्ष्मी जी का ही एक रूप हैं। शुक्रवार की शाम को भोजन पकाने के बाद रसोई के चबूतरे पर या जहाँ पीने का साफ पानी रखा जाता है, वहाँ एक छोटा सा दीपक जरूर प्रज्वलित करें। जल स्थान पर दीपक जलाने से पितृ दोष भी शांत होते हैं और उस घर में अन्न व धन का भंडार हमेशा भरा रहता है।

Latest Posts