हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं चिया सीड्स, इन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए

हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं चिया सीड्स, इन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए

वजन घटाने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए चिया सीड्स को आज के समय में बेहतरीन 'सुपरफूड' माना जाता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अपनी डाइट में इसे प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं। हालांकि, हर सुपरफूड हर किसी के शरीर और तासीर के अनुकूल नहीं होता और कुछ लोगों के लिए इसका अत्यधिक या गलत तरीके से सेवन सेहत पर भारी पड़ सकता है।

जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत वीडियो साझा कर बताया है कि किन लोगों को चिया सीड्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए और इससे शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।

लो ब्लड प्रेशर के मरीज न करें सेवन, बढ़ सकती है कमजोरी और चक्कर की समस्या

चिया सीड्स के अंदर ओमेगा-3 फैटी एसिड और पोटैशियम की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जो प्राकृतिक तौर पर रक्तचाप को घटाने में मददगार साबित होते हैं। हाई बीपी के मरीजों के लिए यह जितना गुणकारी है, हाइपोटेंशन यानी लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। यदि आपका बीपी पहले से सामान्य से कम रहता है, तो चिया सीड्स के सेवन से यह और ज्यादा गिर सकता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में अचानक कमजोरी, तेज चक्कर आना, दिनभर सुस्ती और गंभीर स्थिति में बेहोशी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेष रूप से जिन महिलाओं को लगातार लो बीपी की शिकायत रहती है, उन्हें इसके इस्तेमाल से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए।

पाचन तंत्र और आंतों से जुड़ी बीमारियों में पहुंचता है भारी नुकसान

चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर (सॉल्यूबल फाइबर) अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है। वैसे तो फाइबर आंतों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन जिन लोगों को अक्सर पेट में अत्यधिक गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना), ऐंठन या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) जैसी आंतों की परेशानियां रहती हैं, उनके लिए यह अतिरिक्त फाइबर पाचन तंत्र पर असहनीय दबाव डाल देता है। इससे पेट में तेज दर्द, मरोड़ और गंभीर एसिडिटी की समस्या और अधिक विकराल रूप ले सकती है।

खून पतला करने वाली दवाओं के साथ सेवन से बढ़ता है ब्लीडिंग का खतरा

यदि आप हृदय रोग, स्ट्रोक या अन्य किसी कारणवश एस्पिरिन जैसी ब्लड थिनर (खून पतला करने वाली) दवाओं का नियमित सेवन कर रहे हैं, तो चिया सीड्स को अपनी डाइट से तुरंत हटा लें। चिया सीड्स में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड्स में भी खून को प्राकृतिक रूप से पतला करने का गुण होता है। ऐसे में दवाओं और चिया सीड्स का एक साथ असर शरीर पर दोहरा प्रभाव डालता है, जिससे किसी छोटी सी चोट या कट लगने पर भी अनियंत्रित और अत्यधिक रक्तस्राव (इंटरनल या एक्सटर्नल ब्लीडिंग) होने का गंभीर जोखिम उत्पन्न हो जाता है।

कमजोर किडनी और पथरी (स्टोन) के मरीजों के लिए बन सकता है आफत

गुर्दे की किसी भी बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए चिया सीड्स का सेवन बिल्कुल सुरक्षित नहीं माना जाता है। इन बीजों में पोटैशियम, फास्फोरस और ऑक्सालेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। क्षतिग्रस्त या कमजोर किडनी रक्त से इन भारी खनिजों को आसानी से छानकर बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे किडनी पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ जाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद उच्च ऑक्सालेट की मात्रा यूरिनरी ट्रैक्ट में जाकर किडनी स्टोन बनने के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।

कम पानी पीने वालों की आहार नली में आ सकती है रुकावट

चिया सीड्स की प्रकृति स्पंज जैसी होती है और ये अपने मूल वजन से लगभग 10 से 12 गुना अधिक पानी सोखने की असाधारण क्षमता रखते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें कच्चे या सूखे रूप में खा लेता है अथवा चिया सीड्स का सेवन करने के बाद दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता है, तो ये बीज आंतों या भोजन नली (इसोफेगस) में पहुंचकर अंदर ही फूलने लगते हैं। इसके कारण भोजन नली में ब्लॉकेज, खाना या लार निगलने में तेज दिक्कत, दम घुटने जैसी स्थिति, गंभीर कब्ज और एसिडिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।