9 बजे के बाद डिनर करने वालों के लिए डॉक्टर की चेतावनी, जानें क्या है सही समय
व्यस्त दिनचर्या के चलते अधिकांश लोग रात के भोजन में देरी कर देते हैं और अक्सर 9 से 10 बजे के बीच डिनर की टेबल पर पहुंचते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार भोजन में क्या शामिल है, इसके साथ ही भोजन का समय भी शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुका है।
फोर्टिस अस्पताल, नोएडा के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमन दहल ने स्पष्ट किया है कि देर रात भोजन करने की आदत और हृदय संबंधी विकारों के बीच सीधा संबंध देखा जा रहा है।
बॉडी क्लॉक पर पड़ता है सीधा असर
मानव शरीर आंतरिक जैविक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम के अनुसार संचालित होता है। यह प्राकृतिक तंत्र नींद, हार्मोनल संतुलन, रक्तचाप और पाचन क्रिया को नियमित रखता है। डॉ. अमन दहल के मुताबिक भोजन के समय में अनियमितता या अत्यधिक देर से खाना खाने पर यह आंतरिक चक्र प्रभावित होता है। इसके चलते रक्त में शर्करा का संतुलन बिगड़ सकता है और इंसुलिन संवेदनशीलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
रात 9 बजे के बाद भोजन करने से क्या होगा
एक लाख से अधिक प्रतिभागियों पर वर्ष 2023 में की गई एक विस्तृत रिसर्च का हवाला देते हुए विशेषज्ञ बताते हैं कि रात 8 बजे से पहले भोजन करने वालों की तुलना में 9 बजे के बाद डिनर करने वालों में सेरेब्रोवास्कुलर बीमारियों का जोखिम अधिक पाया गया। इस श्रेणी में ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं, जहां मस्तिष्क तक रक्त संचार बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या देर रात का खाना सीधे बीमारी की वजह है?
अध्ययन के आंकड़े देर रात भोजन और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच सहसंबंध दर्शाते हैं, लेकिन यह सीधे तौर पर बीमारी का एकमात्र कारण साबित नहीं हुआ है। कभी-कभार देर से भोजन करने पर चिंता की बात नहीं है, लेकिन इसे स्थायी दिनचर्या बना लेना और देर से सोने की आदत दीर्घकाल में कार्डियोवैस्कुलर तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती है। देर से भोजन करने वालों में अक्सर नींद का चक्र बिगड़ने और अनियमित दिनचर्या जैसी आदतें भी साथ देखी गई हैं।
डिनर का सही समय और जरूरी सावधानियां
स्वस्थ जीवनशैली के लिए रात के भोजन को बहुत देर तक टालने से बचना चाहिए। यदि काम के घंटों के कारण रात में देर से खाना मजबूरी हो, तो प्रतिदिन भोजन का समय निश्चित रखने का प्रयास करें। भोजन करने के तत्काल बाद बिस्तर पर जाने से बचें और खाने व सोने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर अवश्य बनाए रखें।