बाजार में बिक रहा है 'नकली' कुंदरू, ऐसे करें असली की पहचान

बाजार में बिक रहा है 'नकली' कुंदरू, ऐसे करें असली की पहचान

मानसून का मौसम आते ही हरी सब्जियों से बाजार सज गया है। इस सीजन में कद्दू, कटीले परवल और कुंदरू (टिंडोरा) की मांग अचानक बढ़ जाती है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं, लेकिन इन दिनों बाजार में उपभोक्ताओं के साथ एक बड़ा धोखा हो रहा है। बाहर से बिल्कुल हरी और ताज़ा दिखने वाली यह सब्जी घर आकर काटने पर अंदर से पूरी तरह लाल और पकी हुई निकल रही है। पके हुए कुंदरू का स्वाद खराब होता है और अंततः यह सीधे कचरे के डिब्बे में जाता है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधी चोट पड़ रही है।

क्यों अंदर से लाल हो रहे हैं कुंदरू और क्या है इसका सेहत कनेक्शन

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर पैदा होने वाली यह सब्जी गर्मियों के अंत में तैयार होती है और बरसात तक मंडियों में पहुंचती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण यह सब्जी बेल पर ही बहुत तेजी से पकने लगती है।

स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो कच्चा कुंदरू आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन A और C का पावरहाउस है। जिन लोगों के शरीर में खून या कैल्शियम की कमी है, उनके लिए यह रामबाण है। कई लोग तो इसकी हल्की मिठास के कारण इसे सलाद की तरह कच्चा भी खाते हैं। दिक्कत तब आती है जब मुनाफाखोरी या अज्ञानता के चक्कर में पका हुआ माल बिक जाता है। पका हुआ कुंदरू न तो पचता है और न ही इसकी सब्जी अच्छी बनती है।

असली और नकली पहचान ऐसे करें

इस धोखे से आम उपभोक्ताओं को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के अनुभवी किसान संतोष तिवारी ने तीन बेहद व्यावहारिक तरीके साझा किए हैं, जिन्हें आजमाकर आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।

  • साइज और पीली धारियों का खेल: सब्जी खरीदते वक्त कभी भी बड़े आकार के कुंदरू न उठाएं। बड़ा आकार इस बात का सबूत है कि वह बेल पर ज्यादा दिन तक रहा और पक चुका है। हमेशा छोटे और मध्यम आकार के कुंदरू चुनें। इसके अलावा, यदि कुंदरू की त्वचा पर मौजूद सफेद-हरी धारियां हल्की पीली पड़ने लगें, तो समझ जाएं कि यह भीतर से लाल हो चुका है।

  • दबाकर जांचना है सबसे जरूरी: जब भी सब्जी मंडी जाएं, कुंदरू को हाथ में लेकर हल्का सा दबाएं। अगर वह बिल्कुल सख्त और कड़ा महसूस हो, तभी उसे थैले में डालें। छूने पर अगर वह थोड़ा भी मुलायम या पिलपिला (गुलगुला) लगे, तो उसे तुरंत छोड़ दें क्योंकि वह भीतर से पक चुका है।

  • हरे रंग का झांसा और कट टेस्ट: केवल चमकीले हरे रंग को देखकर यह न समझें कि सब्जी ताज़ा है। पक्के तौर पर जांच करने के लिए आप एक कुंदरू को बीच से थोड़ा सा नाखून से दबाकर या तोड़कर देख सकते हैं। अगर भीतर का गूदा सफेद या हल्का पीला है और बीज बेहद मुलायम हैं, तो वह सब्जी पकाने के लिए सबसे बेहतरीन है। कड़े और लाल बीज वाले कुंदरू बेकार होते हैं।

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