Health Alert: केवल तला-भुना खाना ही नहीं, आपकी ये 4 आदतें भी लिवर को बना रही हैं बीमार, कम उम्र में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा
Lucknow Focus News Desk: आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर सेहत से जुड़ी कई ऐसी बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बनती हैं। हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और ‘ऑल-राउंडर’ अंग कहा जाने वाला लिवर (लिवर) इस वक्त सबसे ज्यादा खतरे में है।
अक्सर लोग यह सोचते हैं कि केवल ज्यादा तला-भुना (Deep Fried) खाना खाने या शराब (Alcohol) का सेवन करने से ही लिवर खराब होता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान और हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स की सच्चाई इससे कहीं ज्यादा जटिल और चौंकाने वाली है। आज के समय में बदलती जीवनशैली और खान-पान की कुछ अनजानी गलतियां कम उम्र के युवाओं और यहाँ तक कि बच्चों के लिवर को भी तेजी से बीमार बना रही हैं।
भोजन को ऊर्जा में बदलने वाले ‘पावरहाउस’ पर मंडरा रहा खतरा
लिवर हमारे शरीर का एक ऐसा आवश्यक अंग है जो भोजन को ऊर्जा में बदलने, शरीर से विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने से लेकर खून को साफ करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य चौबीसों घंटे करता है।
पहले जहां लिवर से जुड़ी बीमारियां उम्र बढ़ने के साथ (बुजुर्गों में) देखी जाती थीं, वहीं अब अस्पताल की ओपीडी में कम उम्र के मरीज और बच्चे भी फैटी लिवर की समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है।
वैज्ञानिक शोध का खुलासा— इन 4 बड़ी वजहों से बढ़ रहा है लिवर का खतरा
डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अनुसार, केवल ऑयली फूड ही नहीं, बल्कि आपकी ये आदतें लिवर के लिए सबसे बड़ी दुश्मन साबित हो रही हैं:
1. चीनी (Sugar) और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की अधिकता
वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि जब हम शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं विशेषकर चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के रूप में तो शरीर उसे बर्न नहीं कर पाता। यह अतिरिक्त ऊर्जा सीधे लिवर में फैट (चर्बी) के रूप में जमा होने लगती है, जो आगे चलकर फैटी लिवर रोग का मुख्य कारण बनती है।
2. कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और पैकेज्ड जूस (फ्रुक्टोज का ओवरडोज)
बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फ्रूट जूस और एनर्जी ड्रिंक्स फैटी लिवर के सबसे बड़े छिपे हुए कारणों में से एक हैं। इन ड्रिंक्स में ‘फ्रुक्टोज’ (Fructose) की मात्रा बहुत अधिक होती है।
लिवर पर सीधा असर: फ्रुक्टोज का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से केवल लिवर में ही होता है। जब इसकी मात्रा शरीर में बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो लिवर इस अतिरिक्त फ्रुक्टोज को तुरंत फैट में बदलने लगता है। इससे लिवर में ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) का जमाव तेजी से बढ़ता है।
3. बढ़ता मोटापा और पेट के आसपास की चर्बी (इंसुलिन रेजिस्टेंस)
मोटापा फैटी लिवर का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष कारण माना जाता है। विशेष रूप से पेट के आसपास जमा होने वाली जिद्दी चर्बी शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) को बढ़ाती है। इस स्थिति में शरीर ग्लूकोज का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे फैट का जमाव सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में कई गुना अधिक गति से लिवर में होने लगता है।
4. नींद की कमी, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव
चौंकाने वाले अध्ययन बताते हैं कि कम नींद लेना या अनियमित दिनचर्या भी सीधे तौर पर फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा देती है। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कम नींद लेने वाले लोगों में मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर के भीतर अंदरूनी सूजन (Inflammation) की समस्या अधिक देखी गई है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड का बढ़ा चलन
फास्ट फूड, चिप्स, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और डीप फ्राइड रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट (Trans Fat), सैचुरेटेड फैट और एक्स्ट्रा कैलोरी कूट-कूट कर भरी होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि इन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का अत्यधिक सेवन सीधे तौर पर लिवर की कोशिकाओं को डैमेज करने का काम करता है।