High BP वालों के लिए जरूरी खबर, शराब छोड़ने से ब्लड प्रेशर में कितना आता है सुधार
आज के दौर की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक बेहद आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। अगर आपका बीपी अक्सर सामान्य सीमा (120/80 mmHg) से ऊपर रहता है और आप रोजाना या वीकएंड पर नियमित शराब का सेवन करते हैं, तो इस सीधे संबंध को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
मेडिकल साइंस के कई बड़े अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि अत्यधिक अल्कोहल का सेवन रक्तचाप को सीधे तौर पर बढ़ाता है। अच्छी बात यह है कि शराब की मात्रा घटाने या इसे पूरी तरह त्यागने से बीपी में जबरदस्त गिरावट दर्ज की जाती है। हालांकि केवल ड्रिंकिंग छोड़ने भर से बीपी जड़ से खत्म नहीं होता, क्योंकि इसमें वजन, आहार, तनाव और शारीरिक सक्रियता का भी अहम योगदान रहता है।
अल्कोहल और हाइपरटेंशन का गहरा रिश्ता
नियमित रूप से मदिरापान करने वाले लोगों में हाई बीपी की समस्या बेहद तेजी से पनपती है। वैश्विक स्वास्थ्य संस्था अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, अल्कोहल का अत्यधिक इस्तेमाल हाइपरटेंशन के सबसे प्रमुख लाइफस्टाइल रिस्क फैक्टर्स में से एक है। जिन लोगों का बीपी पहले से बॉर्डरलाइन या हाई रहता है, उन्हें चिकित्सक तुरंत अल्कोहल की मात्रा सीमित करने या इसे पूरी तरह छोड़ देने का परामर्श देते हैं। ऐसा करने से दिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव तुरंत कम होने लगता है।
धमनियों और नर्वस सिस्टम पर कैसे हमला करती है शराब?
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट्स स्पष्ट करती हैं कि अल्कोहल सीधे शरीर के कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम और सेंट्रल नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली को बाधित करता है। जब कोई व्यक्ति लगातार शराब पीता है, तो रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) सिकुड़ने लगती हैं, दिल की धड़कन (हार्ट रेट) असामान्य हो जाती है और शरीर का फ्लूइड बैलेंस बिगड़ जाता है।
इसके अलावा शराब के साथ हाई-कैलोरी स्नैक्स खाना, वजन बढ़ना, गहरी नींद न आना और सुस्त जीवनशैली जैसे कारक बीपी को अनियंत्रित कर देते हैं। यही वजह है कि हैवी ड्रिंकिंग का सीधा जुड़ाव हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट जैसी जानलेवा बीमारियों से पाया गया है।
शराब छोड़ने पर बीपी में कितना आता है सुधार?
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा किए गए एक व्यापक क्लिनिकल अध्ययन में यह बात पुख्ता हुई है कि शराब से दूरी बनाने वाले मरीजों के रक्तचाप में त्वरित गिरावट दर्ज की गई। शोध के अनुसार, रोजाना 1 से 2 ड्रिंक छोड़ने वाली महिलाओं के सिस्टोलिक बीपी में 0.78 mmHg और डायस्टोलिक बीपी में 1.14 mmHg की राहत देखी गई। वहीं पुरुषों में यह सुधार और बेहतर रहा, जहां सिस्टोलिक में 1.03 mmHg और डायस्टोलिक में 1.62 mmHg की कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, जिन लोगों ने नई-नई शराब शुरू की या मात्रा बढ़ाई, उनका बीपी लगातार बढ़ता पाया गया।