गर्म पानी में 15 मिनट डुबोएं पैर, शरीर की सारी गंदगी और थकान होगी बाहर; न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सीक्रेट नुस्खा
शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकालना हमारे लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है। जब शरीर प्राकृतिक रूप से साफ रहता है तो न केवल त्वचा में चमक आती है, बल्कि दिनभर एनर्जी लेवल भी बना रहता है। अक्सर लोग डिटॉक्सिफिकेशन के लिए तरह-तरह के कड़वे काढ़े, महंगे डिटॉक्स जूस या दवाओं का सहारा लेते हैं। हालांकि, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने एक ऐसा आसान घरेलू नुस्खा साझा किया है, जिससे सिर्फ पैरों को पानी में डुबोकर पूरे शरीर को आराम और डिटॉक्स का फायदा दिया जा सकता है।
श्वेता शाह के अनुसार, शाम को खुद को तनावमुक्त करने और शरीर को रीचार्ज करने की सबसे अच्छी शुरुआत पैरों से होती है। इसके लिए किसी केमिकल या गोली की आवश्यकता नहीं है, बस गुनगुने पानी का एक सही फुट सोक दिनभर की भागदौड़ और मानसिक तनाव को चुटकियों में शांत कर सकता है। यह सरल आदत रोजमर्रा की सेल्फ-केयर का बेहतरीन हिस्सा बन सकती है, जिससे रात में सुकून भरी और गहरी नींद आती है।
डिटॉक्स फुट सोक तैयार करने की जरूरी सामग्री
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गुनगुना पानी (इतना कि पैर आसानी से टखनों तक डूब सकें)
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1 बड़ा चम्मच एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt)
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1 बड़ा चम्मच एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)
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रोजमेरी की कुछ ताजी या सूखी पत्तियां
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1 छोटा चम्मच अदरक (बारीक कटा या कद्दूकस किया हुआ)
इस्तेमाल करने का सही तरीका सबसे पहले एक टब में गुनगुना पानी लेकर उसमें एप्सम सॉल्ट, एप्पल साइडर विनेगर, रोजमेरी और अदरक अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद अपने पैरों को इस मिश्रण में 15 से 20 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इस दौरान गहरी सांस लें और शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर शांत बैठें। समय पूरा होने के बाद पैरों को किसी हल्के फुट ब्रश से सौम्य तरीके से साफ करें। यह प्रक्रिया न सिर्फ पैरों की डेड स्किन हटाती है, बल्कि लिम्फैटिक ड्रेनेज और ब्लड सर्कुलेशन को भी तुरंत तेज करती है।
यह तरीका शरीर पर कैसे असर दिखाता है? पैरों के तलवों में शरीर के प्रमुख नर्व एंडिंग्स और एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स जुड़े होते हैं। एप्सम सॉल्ट में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों के खिंचाव को कम करता है, जबकि विनेगर और अदरक सूक्ष्म टॉक्सिन्स को खींचने और सूजन कम करने में सहायक होते हैं। यह प्रक्रिया सीधे तौर पर नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करती है, रक्त प्रवाह सुधारती है और पैरों के भारीपन को खत्म कर पूरे शरीर को प्राकृतिक डिटॉक्स का अनुभव कराती है।