रोज दवा खाने के बाद भी क्यों नहीं घट रहा BP, डॉक्टर ने बताई 5 गलतियां
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के चलते हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) एक आम समस्या बन चुका है। बड़ी संख्या में युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई मरीज नियमित रूप से डॉक्टर की बताई दवाइयां लेते हैं, फिर भी जब वे अपना बीपी मापते हैं तो रीडिंग सामान्य से कहीं ज्यादा निकलती है।
अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि आखिर गलती कहां हो रही है। इस पर जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ. अश्विनी कुमार ने अहम जानकारी साझा करते हुए बताया है कि दवाइयां तब तक पूरी तरह असरदार नहीं हो सकतीं, जब तक आप अपनी रसोई में मौजूद कुछ खास खाद्य पदार्थों पर लगाम नहीं लगाते। अनजाने में खाई जाने वाली इन 5 चीजों में सोडियम का स्तर अत्यधिक होता है, जो धमनियों पर दबाव बढ़ाकर बीपी को लगातार हाई रखता है।
1. अतिरिक्त नमक का इस्तेमाल बंद करें
हाई बीपी के मरीजों के लिए सबसे पहली शर्त नमक की मात्रा पर नियंत्रण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक वयस्क को 24 घंटे में कुल 5 ग्राम से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। यदि इसे रसोई के चम्मच से समझें तो यह एक छोटे चम्मच के बराबर होता है। कई बार लोग खाना पकने के बाद ऊपर से कच्चा नमक छिड़क लेते हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है।
2. काला नमक, सेंधा नमक और चाट मसाले का भ्रम
बहुत से लोग सोचते हैं कि सफेद नमक बंद करके काला नमक या सेंधा नमक खाएंगे तो कोई नुकसान नहीं होगा। इस गलतफहमी में वे सलाद, रायता, फलों और छाछ पर जमकर सेंधा नमक व चाट मसाला डालकर खाने लगते हैं। डॉ. अश्विनी स्पष्ट करते हैं कि भले ही ये प्राकृतिक माने जाते हों, लेकिन इनमें भी सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह 'छिपा हुआ सोडियम' बीपी को सामान्य स्तर पर आने ही नहीं देता।
3. अचार और पापड़ से बना लें दूरी
भारतीय थाली का अहम हिस्सा माने जाने वाले अचार और पापड़ हाई बीपी के मरीजों के लिए साइलेंट किलर साबित होते हैं। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने और गलने से बचाने के लिए भारी मात्रा में नमक और तेल का इस्तेमाल किया जाता है। नियमित रूप से पापड़ या अचार का सेवन करने से खून में सोडियम का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिसके चलते दवाओं का असर भी बेअसर हो जाता है।
4. बाजार के पैकेटबंद सॉस और केचअप
बाजार में मिलने वाले टोमैटो केचअप, सोया सॉस, मेयोनेज और तरह-तरह के रेडीमेड डिप्स में स्वाद और शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स कूट-कूट कर भरे होते हैं। ऐसे में बीपी के मरीजों को पैकेज्ड सॉस से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसके विकल्प के रूप में आप घर पर ताजे पुदीने, धनिए और टमाटर की चटनी बना सकते हैं, जिसमें नाममात्र का नमक इस्तेमाल किया गया हो।
5. जरूरत से ज्यादा कॉफी और कैफीन
कैफीन शरीर में जाते ही रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे ब्लड प्रेशर में अचानक तेज उछाल (स्पाइक) आता है। अगर आप दिनभर में कई कप कॉफी या कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, तो इसे तुरंत सीमित कर दें। दिन में अधिकतम 1 से 2 कप हल्की कॉफी ही पिएं। इसके अलावा, डॉक्टर बीपी के मरीजों को देसी घी और मक्खन का उपयोग भी न्यूनतम रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने और दिल के रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।