किचन से लेकर अस्पताल तक; इन चीजों पर 0 रुपए लगता है GST, बिल भरने से पहले जान लें अपना हक
भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के तहत अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स वसूला जाता है, लेकिन आम आदमी की जेब और बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ी फेहरिस्त को टैक्स-फ्री या शून्य प्रतिशत (0%) के दायरे में रखा है। रसोई के रोजमर्रा के राशन से लेकर अस्पताल, स्कूल और पारंपरिक हस्तशिल्प तक कई ऐसी चीजें हैं जिन पर ग्राहकों को एक रुपये भी जीएसटी नहीं चुकाना पड़ता। इन अनिवार्य वस्तुओं और सेवाओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखने के पीछे सरकार की मुख्य मंशा निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर महंगाई का बोझ कम करना और आवश्यक सेवाओं को हर नागरिक की पहुंच में बनाए रखना है।
इन चीजों पर शून्य जीएसटी
रसोई के जरूरी बजट की बात करें तो ताजे और बिना ब्रांड वाले पैकेजिंग-मुक्त खाद्य उत्पादों पर शून्य जीएसटी लागू होता है। खुले में बिकने वाला ताजा दूध, दही, लस्सी, छाछ और पनीर पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं। इसी तरह खुले अनाज और दलहन जैसे कि खुला गेहूं, चावल, आटा, बेसन और सभी प्रकार की दालें छूट के दायरे में आती हैं। रोजमर्रा की ताजी हरी सब्जियां, आलू, प्याज, टमाटर और ताजे फलों पर भी कोई जीएसटी नहीं लगता। नॉन-वेज कैटेगिरी में ताजा व अनपैक्ड मांस, मछली, अंडे और चिकन को भी कर-मुक्त रखा गया है। इसके अलावा सामान्य नमक, खुला प्राकृतिक शहद, साधारण ब्रेड, खाखरा, चपाती और रोटी जैसे बुनियादी उत्पाद भी शून्य कर स्लैब में गिने जाते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने राहत का बड़ा दायरा तय किया है। मान्यता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रों को दी जाने वाली शैक्षणिक सेवाओं पर कोई जीएसटी नहीं लगता। विद्यार्थियों के काम आने वाली बुनियादी स्टेशनरी जैसे बच्चों की नोटबुक, पेंसिल, इरेजर, शार्पनर और ड्राइंग बुक्स को भी टैक्स से बाहर या शून्य दर पर रखा गया है। इसके साथ ही प्रिंटेड किताबें, समाचार पत्र, शैक्षणिक नक्शे, एटलस और ग्लोब जैसी अध्ययन सामग्री को भी जीएसटी में पूरी राहत दी गई है ताकि शिक्षा का प्रसार सुलभ बना रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं को जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हुए अस्पतालों, क्लीनिकों और डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली चिकित्सीय परामर्श व इलाज की सेवाओं पर कोई जीएसटी नहीं वसूला जाता। आपातकालीन एंबुलेंस सेवा भी पूरी तरह कर-मुक्त है। दवाओं और मेडिकल उपकरणों के मोर्चे पर कैंसर व दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली 33 से अधिक जीवन रक्षक दवाओं और मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर टैक्स से बड़ी राहत दी गई है। इसके अलावा मानव रक्त (ब्लड बैंक सेवाएं), गर्भनिरोधक और सुनने में मदद करने वाले श्रवण यंत्र (हियरिंग एड्स) भी छूट सूची में शामिल हैं। वहीं, हालिया नीतिगत फैसलों के तहत नियमों और श्रेणियों के मुताबिक व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर भी टैक्स का भार घटाया गया है।