Up kiran,Digital Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि शंकराचार्य के बारे में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना पाप है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वाले ही नहीं, बल्कि तालियां बजाकर समर्थन करने वाले भी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में दिया गया अभद्र बयान इतिहास में दर्ज हो गया है और इसे केवल निंदनीय कहना पर्याप्त नहीं होगा। अखिलेश ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाएंगे तो उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।
सरकार पर नैतिकता का सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग महाकुंभ में हुई मौतों के सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं करते और मुआवजे में पारदर्शिता नहीं बरतते, उन्हें किसी धार्मिक पद पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने इशारों में सरकार पर अहंकारपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया।
नोटिस मुद्दे पर सपा की रणनीति
अखिलेश यादव ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं को जारी नोटिस का मुद्दा भी उठाया। सपा का दावा है कि समर्थक मतदाताओं, खासकर अल्पसंख्यकों, को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग व अदालत का रुख किया जाएगा।
शिवरात्रि की शुभकामनाएं
इस बीच अखिलेश यादव ने महाशिवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब शंकराचार्य को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।




