एस्ट्रो टिप्स: इन 4 दिनों में गलती से भी मां तुलसी को न चढ़ाएं जल

नई दिल्ली: ऐसा कहा जाता है कि तुलसी के पौधे को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जी हाँ और इसी वजह से तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और व्यक्ति पर अपनी कृपा बरसाती हैं. ऐसे में प्रतिदिन तुलसी में जल देना चाहिए, लेकिन कुछ विशेष दिन ऐसे होते हैं जिन पर तुलसी पर जल चढ़ाने की मनाही होती है। जी हां और ऐसा करने से आपको कुछ फायदा तो नहीं होगा, लेकिन नुकसान हो सकता है। जी हां, तो आइए जानते हैं कि किन दिनों तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए।

इन 4 दिनों तक न करें तुलसी को जल चढ़ाएं- सनातन धर्म में बताया गया है कि प्रत्येक रविवार, एकादशी, चंद्र ग्रहण के दिन सूर्य ग्रहण का दिन भूलकर भी तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए. दरअसल ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से दोष आता है। इतना ही नहीं शाम के बाद तुलसी के पत्ते तोड़ना भी मना है।

सूखे पौधे को प्रवाहित करें- ऐसा माना जाता है कि सूखे तुलसी के पौधे को कभी भी घर में नहीं रखना चाहिए। जी हां और ऐसा करना अशुभ माना जाता है, घर में कई तरह की परेशानियां आती हैं। इस कारण यदि कभी तुलसी का पौधा सूख जाए तो आदर सहित किसी नदी या नहर में प्रवाहित कर देना चाहिए। साथ ही उस सूखे पौधे के स्थान पर नया तुलसी का पौधा लगाना चाहिए।

तुलसी को दक्षिण दिशा में न रखें- ऐसा माना जाता है कि तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। जी हां, क्योंकि ऐसा करने से तुलसी अशुभ फल देती है, जीवन में कई विपदाएं आती हैं। इतना ही नहीं घर में कभी भी तुलसी का पौधा जमीन पर नहीं लगाना चाहिए। हां और तुलसी का पौधा हमेशा गमले में लगाना चाहिए और इसे रखने के लिए उत्तर दिशा को सबसे अच्छा माना जाता है।

गुरुवार के दिन तुलसी पर चढ़ाएं दूध- सनातन धर्म में कहा गया है कि यदि आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो रविवार को छोड़कर सप्ताह के सभी दिनों में शाम को तुलसी पर घी का दीपक जलाएं. इसके साथ ही गुरुवार के दिन तुलसी के पौधे में कच्चा दूध डालें।