BJP नेताओं के कहने पर CM खट्टर ने राम रहीम को दी गुपचुप पैरोल

मीडिया रिपोट्स् के मुताबिक, भाजपा के  शीर्ष नेताओं के निर्देश के बाद पैरोल दी गई थी। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा-जेजेपी की गठबंधन सरकार ने 24 अक्टूबर को राम रहीम को पैरोल दिलाया था। 

नयी दिल्ली। हत्या और दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बीते दिनों एक दिन का पैरोल मिला था। मीडिया रिपोट्स् के मुताबिक, भाजपा के  शीर्ष नेताओं के निर्देश के बाद पैरोल दी गई थी। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा-जेजेपी की गठबंधन सरकार ने 24 अक्टूबर को राम रहीम को पैरोल दिलाया था।

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सीेएम और वरिष्ठ अफसरों को थी सिर्फ जानकारी

राम रहीम को पैरोल देने के मामले में सिर्फ सीएम मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को ही जानकारी थी। ये काम इतना गुपचुप तरीके से किया गया कि राम रहीम को ले जाने वाले जवानों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि वो क्यों अचानक राम रहीम को बाहर ले जा रहे हैं।

मां से मिलने को दी गई थी पैरोल

बता दें कि डेरा प्रमुख रेप और हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से रोहतक की सुनारियां जेल  में बंद है। राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए एक दिन का परोल मिला था। वह गुरुगाम के एक अस्पताल में भर्ती है। डेरा प्रमुख को रोहतक की सुनारिया जेल से गुरुग्राम अस्पताल तक भारी सुरक्षा के बीच ले जाया गया।

राम रहीम 24 अक्टूबर को शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहे थे। हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात थी। एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे। डेरा चीफ को जेल से पुलिस की एक गाड़ी में लाया गया जिसमें पर्दे लगे हुए थे। गुरुग्राम में पुलिस ने अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की और जिस फ्लोर में उसकी मां का इलाज चल रहा था, उसे पूरा खाली करा दिया गया। इस बारे में किसी को भी खबर नहीं लग पाई थी।

किस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है राम रहीम

बता दें कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले साल जनवरी में गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 16 साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम के साथ ही तीन अन्य दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

पत्रकार की हत्या और साध्वियों से रेप मामले में सजा

साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल, छत्रपति अपने समाचार पत्र में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे। पत्रकार छत्रपति की हत्या के बाद परिजनों ने मामला दर्ज कराया था और बाद में इसे सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया।

सीबीआई ने 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी और इसमें डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था। इससे पहले साल 28 अगस्त 2017 में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने दो महिलाओं के साथ रेप के मामले में गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी।

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