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Up kiran,Digital Desk : बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले चुनाव आयोग से पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने की अपील की है। बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने रविवार को ढाका स्थित चुनाव आयोग भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एएमएम नासिर उद्दीन से मुलाकात कर यह अनुरोध किया।

आलमगीर ने कहा कि बीएनपी हमेशा से स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग के साथ सहयोग करती रही है। हाल के दिनों में चुनावी प्रक्रियाओं में पक्षपातपूर्ण व्यवहार और गंभीर चिंताएं नजर आ रही हैं। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि ऐसी प्रथाओं से बचा जाए और चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।

डाक मतपत्र को लेकर विवाद

बीएनपी का आरोप है कि डाक मतपत्र (Postal Ballot) से जुड़ा मुद्दा अभी भी हल नहीं हुआ है। आलमगीर ने कहा कि विदेश में पंजीकृत मतदाताओं के लिए छापे गए मतपत्रों की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है, जिससे किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने का प्रयास प्रतीत होता है।

बीएनपी ने सुझाव दिया कि चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को चुनाव चिह्न आवंटन के बाद ही डाक मतपत्र दिया जाए, ताकि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान कर सकें।

चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन और निजता पर खतरा

आलमगीर ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और निजी जानकारी एकत्र करने के मामलों पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दल घर-घर जाकर मतदाताओं की एनआईडी की प्रतियां, bKash नंबर और मोबाइल नंबर इकट्ठा कर रहे हैं, जो निजता का उल्लंघन और आपराधिक कृत्य है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

साथ ही बीएनपी ने चुनाव आयोग से पूछा कि किन क्षेत्रों से, कितने मतदाताओं को ढाका स्थानांतरित किया गया, किस कारण और कब किया गया।

विशेष दल के पक्ष में काम कर रहे अधिकारी?

बीएनपी का आरोप है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में अधिकारी विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं। आलमगीर ने कहा कि निष्पक्ष और स्वीकार्य चुनाव के लिए ऐसे अधिकारियों की जांच और आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।

बीएनपी का कहना है कि आयोग को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी शिकायतों पर कार्रवाई करनी होगी, ताकि मतदाताओं का विश्वास बना रहे और लोकतंत्र मजबूत हो।