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Up kiran,Digital Desk : सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से जुड़े पुराने मामले में पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत दी है। जनवरी 2017 के आदेश में संशोधन करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अब अनुराग ठाकुर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मामलों में भाग ले सकते हैं।

जनवरी 2017 का आदेश और अब बदलाव

जनवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को ‘सीज एंड डिसिस्ट’ यानी BCCI के कामकाज से पूरी तरह दूर रहने का निर्देश दिया था। इस दौरान अनुराग ठाकुर ने बिना शर्त Unqualified Apology दी थी।

हाल ही में अदालत ने अनुपातिकता के सिद्धांत (Doctrine of Proportionality) को लागू करते हुए पुराने आदेश में ढील दी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पहले लगाया गया प्रतिबंध अब आवश्यक नहीं है और अनुराग ठाकुर अब BCCI के फैसलों और बोर्ड की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं।

अदालत का निर्णय: प्रतिबंध अब नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अनुराग ठाकुर पूर्व में की गई गलती के लिए माफी दे चुके हैं और अब उन्हें बोर्ड की गतिविधियों में शामिल होने से रोकना उचित नहीं होगा। यह फैसला BCCI के कामकाज और खेल प्रशासन में पूर्व अध्यक्षों की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण संकेत देता है।