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Up Kiran, Digital Desk: हाल ही में हमारी पुरानी और बेहतरीन अभिनेत्री सुप्रिया पाठक ने अपनी एक खास बात सबके साथ साझा की है. उन्होंने बताया कि उनकी आने वाली वेब सीरीज़ 'आंटीप्रेन्योर' (Auntypreneur) में उनके किरदार ने उन्हें एक ऐसी बात याद दिला दी, जो हम अक्सर भूल जाते हैं – कि हिम्मत या साहस हमेशा दहाड़ कर या ज़ोर से अपनी बात कहकर ही नहीं दिखाया जाता, कभी-कभी यह चुपचाप और दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने में भी होता है.

'आंटीप्रेन्योर' और साहस की नई परिभाषा

सुप्रिया पाठक जैसी दमदार अभिनेत्री ने हमेशा अपने हर किरदार में जान फूँकी है. 'आंटीप्रेन्योर' में काम करने के अनुभव के बारे में उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें यह समझने में मदद की कि साहस के कई रूप होते हैं. आमतौर पर हम सोचते हैं कि बहादुर वही है जो बड़ी-बड़ी बातें कहे या जोखिम भरे काम करे. लेकिन, सुप्रिया जी के मुताबिक, इस सीरीज़ ने उन्हें याद दिलाया कि सच्ची हिम्मत अक्सर शांत स्वभाव, लगन और धैर्य में भी छुपी होती है. यह उस अदृश्य ताकत के बारे में है जो महिलाओं को रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करने और बिना शोर किए अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देती है.

उनका कहना है कि कई बार महिलाएँ समाज और परिवार की उम्मीदों के बीच भी अपनी पहचान बनाने और अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत दिखाती हैं. वे चुपचाप, बिना किसी दिखावे के, मुश्किलों का सामना करती हैं और आगे बढ़ती रहती हैं. यही असली 'साहस' है, जो बाहर से भले ही किसी को दिखाई न दे, लेकिन भीतर से बहुत मजबूत होता है.

सुप्रिया पाठक के इस बयान से साफ है कि 'आंटीप्रेन्योर' सिर्फ एक मनोरंजन की कहानी नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के भीतर छिपे साहस और उनके संघर्षों को भी दर्शाती है. उनका यह विचार निश्चित रूप से बहुत से लोगों को, खासकर महिलाओं को यह सोचने पर मजबूर करेगा कि असली हिम्मत और मज़बूती क्या होती है.