बिहार बंद के दौरान पटना में बड़ा बवाल: हाथ में तिरंगा लेकर उतरे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने लिया हिरासत में, डाकबंगला चौराहे पर चली लाठियां
नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के आह्वान पर बुलाए गए 'बिहार बंद' के दौरान राजधानी पटना का राजनीतिक और प्रशासनिक पारा हाई हो गया है। शहर के प्रमुख इलाकों में सुबह से ही छात्र और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। इस दौरान विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचे थे तेज प्रताप यादव
बिहार बंद के समर्थन में जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव हाथों में तिरंगा झंडा थामे सड़क पर उतरे और छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
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युवाओं के समर्थन का ऐलान: प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने दो टूक कहा कि वे हर हाल में युवाओं के साथ खड़े हैं और उनके हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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पुलिस की कार्रवाई: कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जुटाने से रोकने के लिए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उनके समर्थकों समेत हिरासत में ले लिया और सुरक्षित स्थान पर ले गई।
डाकबंगला चौराहे पर रणक्षेत्र में बदला पटना, हुआ लाठीचार्ज
इस बंद के दौरान पटना का व्यस्त डाकबंगला चौराहा और जेपी गोलंबर पूरी तरह अखाड़ा बन गया।
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उग्र प्रदर्शन और पत्थरबाजी: उग्र छात्र और प्रदर्शनकारी जब बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की हुई। कुछ जगहों से प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने की भी सूचना मिली।
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हल्का बल प्रयोग: स्थिति को बेकाबू होता देख प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राज्य के अन्य जिलों में भी दिखा बंद का असर
राजधानी पटना के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी 'बिहार बंद' का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। समस्तीपुर, मधेपुरा, गोपालगंज और छपरा समेत कई जगहों पर छात्रों और कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर यातायात बाधित किया तथा केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।