तनिष्क शोरूम में कैशियर का हाईटेक खेल, फेक पेमेंट दिखाकर उड़ाए 17 लाख के गहने
बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित मशहूर तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में 17 लाख रुपये के सोने के आभूषणों के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शोरूम के ही शातिर कैशियर मोहम्मद इरफान को रंगे हाथों धर दबोचा और उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने के सारे गहने शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने शोरूम के बिलिंग सिस्टम में फर्जी पेमेंट दिखाकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था, लेकिन स्टॉक ऑडिट और सीसीटीवी की पैनी नजर ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब हाजीपुर तनिष्क शोरूम के प्रबंधन ने इन्वेंटरी और स्टॉक का नियमित मिलान किया। ऑडिट के दौरान करीब 17 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर कम पाए गए, जिससे शोरूम में हड़कंप मच गया। इसके बाद जब इंटरनल पेमेंट रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, तो कैशियर काउंटर पर तैनात मोहम्मद इरफान की संदिग्ध गतिविधियां उजागर हुईं। इरफान ने बिलिंग सिस्टम में छेड़छाड़ कर फर्जी ट्रांजैक्शन को 'पेमेंट सक्सेसफुल' दिखा दिया था और बिना एक भी रुपया जमा कराए गहनों को काउंटर से बाहर निकाल दिया था।
गबन की लिखित शिकायत मिलते ही सदर थाना पुलिस एक्शन मोड में आ गई। एसडीपीओ सदर-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए जाल बिछाया। पूछताछ के दौरान कड़ाई बरतने पर सोनपुर निवासी कैशियर मोहम्मद इरफान टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तुरंत छापेमारी कर 17 लाख रुपये के पूरे सोने के आभूषण सुरक्षित बरामद कर लिए।
एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि आरोपी इरफान काफी समय से इस हेराफेरी की फिराक में था और उसने बड़े शातिर तरीके से पेमेंट गेटवे में फर्जी एंट्री दर्ज कर मैनेजमेंट की आंखों में धूल झोंकी। पुलिस पड़ताल में यह भी सामने आया है कि इस सुनियोजित ठगी में उसका एक अन्य साथी भी बराबर का हिस्सेदार था। फिलहाल मुख्य आरोपी कैशियर को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई चल रही है, जबकि फरार सहयोगी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।