25 साल से फरार कुख्यात डकैत साधु के वेश में धराया: नेपाल में छिपा था, चमुआ चौक पर पुलिस ने ऐसे दबोचा
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अंतर्गत शिकारपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 25 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात डकैत सुरेंद्र ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। वर्ष 2001 से लगातार पुलिस को चकमा दे रहा यह शातिर अपराधी कई संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद साधु का चोला ओढ़कर नेपाल में शरण लिए हुए था। वर्ष 2006 में न्यायालय ने इसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्थायी वारंट जारी किया था।
शिकारपुर थानाध्यक्ष (SHO) मनोज कुमार को पुख्ता इनपुट मिला था कि यह इनामी और वारंटी डकैत साधु का वेश बनाकर अक्सर अपने पैतृक गांव लंगड़ा दिउलिया में गुप्त रूप से आता-जाता है। इस सूचना के बाद पुलिस की स्पेशल टीम पिछले एक माह से उसकी टोह में जाल बिछा रही थी।
दाढ़ी-बाल बढ़ाकर बदला रूप, चमुआ चौक पर साधु के भेष में दबोचा गया
गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेंद्र ठाकुर ने अपने बाल और दाढ़ी काफी लंबे कर लिए थे और पूरी तरह साधु का रूप धारण कर चुका था, जिससे आम नागरिकों और पुलिस दोनों के लिए उसे पहचान पाना बेहद कठिन हो गया था। थानाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सटीक घेराबंदी करते हुए चमुआ चौक पर संदिग्ध साधु को रोककर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसकी असलियत सामने आ गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 2001 से ही छिपता फिर रहा था और 2006 में बलथर थाने में दर्ज डकैती के गंभीर मुकदमे के बाद पहचान छुपाने के लिए नेपाल भागकर साधु बन गया था। उसने पुलिस के समक्ष पूर्व में किए गए कई गंभीर अपराधों में अपनी संलिप्तता भी कबूल की है।
गुप्त सूचना से खुला राज, पुलिस की दो टूक- कानून से नहीं बचेंगे अपराधी
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 2006 में दर्ज डकैती मामले में आरोपी लंबे समय से वांछित था। नेपाल में स्थायी ठिकाना बनाकर वह भेष बदलकर समय-समय पर अपने गांव का दौरा करता था और ग्रामीणों व पुलिस की नजरों से बचकर चुपचाप निकल जाता था। सटीक मुखबिर तंत्र की सूचना पर की गई इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराध की दुनिया में भेष बदलकर कानून से ज्यादा दिन तक नहीं बचा जा सकता। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चंपारण में सक्रिय अपराधियों और पुराने वारंटियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और ऐसे सभी तत्वों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।