बिना कोई काम किए हर महीने करीब 5 लाख रुपये कमाता है प्रशांत किशोर का परिवार, जानिए कैसे
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव इन दिनों पूरे देश की सुर्खियों में बना हुआ है। वजह बिल्कुल साफ है क्योंकि खुद जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर इस बार पर्दे के पीछे की रणनीति छोड़कर सीधे जनता के बीच वोट मांगने निकले हैं।
सोमवार को जब उन्होंने अपना पर्चा दाखिल किया तो उनके आर्थिक ब्यौरे ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। लगभग दो सौ करोड़ रुपये की पारिवारिक दौलत के मालिक होने के बावजूद प्रशांत किशोर ने निवेश का जो रास्ता चुना है वह आज के आम आदमी के निवेश के तरीके से काफी मिलता-जुलता है। देश के बड़े-बड़े दिग्गजों को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने वाले इस रणनीतिकार की आमदनी और बचत के तरीकों को लेकर अब हर जगह गहन विमर्श छिड़ गया है।
चुनावी सलाह की भारी-भरकम फीस और सुरक्षित बचत का बेजोड़ तालमेल
राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि प्रशांत किशोर देश के सबसे महंगे सलाहकारों में गिने जाते रहे हैं। खुद उन्होंने पिछले साल सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि वे महज दो घंटे की चुनावी राय देने के लिए ग्यारह करोड़ रुपये तक की फीस लेते हैं। ऐसे में उनकी मोटी कमाई होना स्वाभाविक है मगर असली दिलचस्पी इस बात में है कि वह इस पैसे को संभालते कैसे हैं।
जहां आज की युवा पीढ़ी शेयर बाजार के जोखिमों की तरफ भाग रही है वहीं पीके ने अपने परिवार के भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट यानी सावधि जमा को प्राथमिकता दी है। बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर उनका यह कदम यह दिखाता है कि वे सियासत में भले ही कितने बड़े जोखिम लेते हों लेकिन पारिवारिक वित्त के मामले में बेहद सतर्क रहते हैं।
सिर्फ बैंक के ब्याज से खड़ी हो रही है पांच लाख रुपये की मासिक आय
चुनावी हलफनामे के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि प्रशांत किशोर उनकी पत्नी जहानवी दास और उनके बेटे के नाम पर कुल मिलाकर ग्यारह सावधि जमा खाते चल रहे हैं। इन सभी खातों में कुल जमा राशि 8 करोड़ 9 लाख 24 हजार 202 रुपये है। बैंकिंग एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर इस बड़ी रकम पर सालाना औसतन सात फीसदी का ब्याज भी जोड़ा जाए तो पूरे परिवार को सालभर में लगभग 56 लाख 64 हजार 694 रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में मिलते हैं। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि बिना किसी काम या जोखिम के केवल बैंक में रखे पैसे के दम पर यह परिवार हर महीने करीब 4 लाख 72 हजार 58 रुपये की बंधी-बंधाई कमाई कर रहा है जो किसी भी आम नौकरीपेशा इंसान के लिए एक बड़ा सपना होती है।
फरीदाबाद से लेकर गुवाहाटी तक फैला है जमा पूंजी का यह जाल
इस निवेश का भौगोलिक विस्तार भी काफी दिलचस्प है जो सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग बैंकों में बांटा गया है। सबसे बड़ा हिस्सा खुद प्रशांत किशोर के नाम पर हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा में जमा है जहाँ उनके पांच खातों में 7 करोड़ 36 लाख 24 हजार 202 रुपये रखे हैं। वहीं उनकी पत्नी जहानवी दास के नाम पर असम के गुवाहाटी में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में चार सावधि जमा खाते हैं जिनमें 67 लाख रुपये जमा हैं। इसी तरह उनके बेटे दैबिक भारद्वाज के नाम पर भी गुवाहाटी के ही एचडीएफसी बैंक में दो खाते हैं जिनमें 6 लाख रुपये की राशि सुरक्षित रखी गई है।
जोखिम भरे शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में भी खेला है नपा-तुला दांव
सावधि जमा के अलावा इस परिवार ने शेयर बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है लेकिन यहाँ भी उनका रुख बहुत आक्रामक नहीं बल्कि बेहद नपा-तुला है। प्रशांत किशोर के पास मुख्य रूप से दो बड़ी कंपनियों के शेयर हैं जिनमें भारती एयरटेल के 1 हजार 985 शेयर शामिल हैं जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 38 लाख रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक में भी उनके 73 हजार 243 शेयर हैं जिनकी बाजार कीमत 25 लाख रुपये के आसपास बैठती है। इन दोनों को मिलाकर शेयर बाजार में उनका कुल निवेश करीब 63 लाख रुपये का है।
दूसरी तरफ उनकी पत्नी ने म्यूचुअल फंड के जरिए भी बाजार में पैसा लगाया है जहाँ उनके नाम पर 1 करोड़ 24 लाख 72 हजार 270 रुपये का बड़ा पोर्टफोलियो दर्ज है। बांकीपुर के मतदाताओं के बीच अब उम्मीदवार की इस आर्थिक समझदारी की जमकर तारीफ हो रही है।