बिहार की तस्वीर बदलने आ रहे ये 3 नए एक्सप्रेसवे! कहीं आपका इलाका भी तो इसमें शामिल नहीं?
बिहार में सड़क परिवहन तंत्र को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने तीन बड़े रोड प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई है। गंगा और गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों से गुजरने वाली ये परियोजनाएं राज्य के बड़े हिस्से को तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी से जोड़ने की जमीन तैयार करेंगी। इसके तहत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी के चयन और खर्च की स्वीकृति जारी हो गई है।
गंडक नदी के समानांतर तैयार होने वाला नारायणी एक्सप्रेसवे इस योजना का अहम हिस्सा है। दिरहारा से डुमरिया घाट तक बनने वाले इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 73.51 किलोमीटर प्रस्तावित की गई है। कंसल्टेंट की नियुक्ति के साथ ही इसके तकनीकी पहलुओं, भूमि जरूरत और निर्माण लागत का बारीक खाका तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दूसरी बड़ी परियोजना 56 किलोमीटर लंबा बिदुपुर-दिघवारा गंगा अंबिका पथ है, जो गंगा नदी के उत्तरी किनारे पर कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। वहीं तीसरी परियोजना के तौर पर मनेर से बक्सर के बीच करीब 90 किलोमीटर लंबे विश्वामित्र पथ का प्रस्ताव रखा गया है। ये दोनों मार्ग क्षेत्रीय व्यापार, माल ढुलाई और स्थानीय आवागमन को जाममुक्त सफर में बदलने का काम करेंगे।
फिलहाल राज्य सरकार ने इन तीनों मार्गों के विस्तृत प्रोजेक्ट एसेसमेंट और तकनीकी सर्वे पर ध्यान केंद्रित किया है। डीपीआर कंसल्टेंट की मंजूरी के बाद रिपोर्ट का मूल्यांकन होगा, जिसके तुरंत बाद धरातल पर निर्माण की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन तीनों सड़कों के वजूद में आने से न केवल शहरों के बीच दूरी घटेगी, बल्कि नदियों के किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।