मुजफ्फरपुर के एक स्कूल में लंच के समय हुआ दर्दनाक हादसा
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खोलने वाली एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहबाजपुर में शुक्रवार के दिन मध्याह्न भोजन यानी लंच के समय एक बहुत बड़ा हादसा हो गया, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। रोज की तरह बच्चे अपनी कक्षाओं से निकलकर लंच का आनंद ले रहे थे और स्कूल के प्रांगण में खेल-कूद रहे थे, तभी लापरवाही की पराकाष्ठा पार कर रही वह अनहोनी घटित हुई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। स्कूल की छत के बिल्कुल नजदीक से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बेहद खतरनाक हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से तीन मासूम छात्राएं बुरी तरह से झुलस गईं। इस अचानक हुए हादसे के बाद स्कूल के शिक्षकों और बच्चों में चीख-पुकार मच गई, और पल भर में खुशियों का माहौल मातम और खौफ में बदल गया। स्कूल जैसी सुरक्षित जगहों पर इस तरह खुलेआम मौत बनकर मंडरा रहे हाईटेंशन तारों का होना प्रशासन और शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है, जिस पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
कैसे घटित हुआ यह खौफनाक हादसा? लंच के दौरान अचानक करंट की चपेट में आई छात्राएं
प्रत्यक्षदर्शियों और स्कूल के अन्य बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जब लंच का समय हुआ तो सभी बच्चे अपनी कक्षाओं से बाहर आए थे और छत या बरामदे के आसपास टहल रहे थे। बताया जा रहा है कि स्कूल की इमारत के ठीक ऊपर से या छत के बेहद करीब से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गुजरा हुआ था, जिसकी सुरक्षा को लेकर कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। अचानक किसी कारणवश या तकनीकी फाल्ट के चलते छात्राएं उस हाईटेंशन तार की चपेट में आ गईं या उसके संपर्क में आ गईं, जिससे तीव्र विद्युत प्रवाह के कारण वे गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़ीं। करंट का झटका इतना जोरदार था कि आसपास खड़े अन्य बच्चे डर के मारे चीखते हुए दूर भागे और तुरंत अध्यापकों को इसकी सूचना दी। स्कूल परिसर में इस तरह के हादसे को होते देख शिक्षकों के भी होश उड़ गए, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन कंधों पर थी, वे इस बात से पूरी तरह बेखबर थे कि स्कूल की छत के पास इतनी बड़ी आफत लटकी हुई है।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराई गईं छात्राएं, परिजनों और ग्रामीणों में फूटा भारी गुस्सा
हादसे की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत तीनों झुलसी हुई छात्राओं को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित छात्राओं के माता-पिता और परिवार के लोग बदहवास हालत में अस्पताल और स्कूल की ओर दौड़े, और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस भयानक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के बीच शिक्षा विभाग और बिजली निगम के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार स्कूल प्रशासन और संबंधित विभागों को यह लिखित और मौखिक शिकायत दी जा चुकी थी कि स्कूल भवन के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को हटाया जाए, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई। आज इसी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है कि मासूम बच्चियों की जिंदगी दांव पर लग गई है, और यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो यह लापरवाही किसी बड़े जीवन की बलि ले सकती है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग पर उठे गंभीर सवाल, जांच के आदेश और मुआवजे की मांग तेज
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी हरकत में आ गए हैं, और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर यह पड़ताल कर रही है कि आखिर किसकी लापरवाही के कारण स्कूल भवन के इतने करीब से हाईटेंशन तार गुजर रहा था और स्कूल संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही थी। स्थानीय राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा घायल छात्राओं के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की मांग की है। अंततः, यह हादसा इस बात की एक गंभीर चेतावनी है कि हमारे बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे तमाम खतरों को तुरंत दूर किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम को इस तरह की दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।