किशनगंज में भारत बंद के दौरान उग्र हुआ प्रदर्शन, DDC प्रदीप कुमार झा की गाड़ी पर हमला, तोड़फोड़ के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
भारत बंद के दौरान शनिवार को बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज इलाके में अचानक माहौल गरमा गया। बंद का समर्थन कर रहे आंदोलनकारियों की भीड़ अचानक उग्र हो गई और उन्होंने वहां से गुजर रहे उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रदीप कुमार झा के सरकारी वाहन को अपना निशाना बना लिया।
उपद्रवियों ने प्रशासनिक गाड़ी पर हमला बोलते हुए उसमें जमकर तोड़फोड़ की, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि डीडीसी प्रदीप कुमार झा इस हिंसक हमले में पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
डीडीसी की गाड़ी पर हमले के बाद मचा हड़कंप, कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
सरकारी गाड़ी पर हमले की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस-प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बहादुरगंज तथा आसपास के कई थानों से भारी पुलिस बल को तुरंत मौके पर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को घेर लिया और उग्र भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया।
शांति व्यवस्था बहाल, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
प्रशासन की त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद बहादुरगंज में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई है और धीरे-धीरे दुकानें व अन्य सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू होने लगी हैं। एहतियात के तौर पर जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या दोबारा हिंसा को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर पूरे इलाके पर पैनी नजर बनाए हुए है।
उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस, फुटेज खंगालकर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वरिष्ठ अधिकारी के वाहन पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों और उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।