BJP प्रदेश अध्यक्ष ने ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को माफी मांगने पर किया मजबूर

कुछ समय पहले ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने विधायकों महेश नेगी और कुंवर प्रणव चैंपियन पर लगे गंभीर आरोपों से उभर भी नहीं पाए थे कि अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बयान उनके लिए परेशानी बन गया है । आइए आपको बताते हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के लिए नई सियासी मुसीबत क्या है ।

आज उत्तराखंड की सियासत पर चर्चा करें उससे पहले आपको बता दें कि दो महीने पहले मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहीं इमरती देवी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी ।

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‘कमलनाथ के इस आपत्तिजनक बोल के बाद एमपी की सियासत गरमा गई थी, जिसका कांग्रेस को उपचुनाव के दौरान भारी नुकसान उठाना पड़ा था । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रचार के दौरान महिलाओं के आत्मसम्मान से जोड़ते हुए इसे मुद्दा बना लिया था’ ।

कमलनाथ की मुसीबत यहीं कम नहीं हुई बल्कि राहुल गांधी ने उन्हें माफी मांगने के लिए कहा था, लेकिन कमलनाथ ने माफी नहीं मांगी सिर्फ खेद जताया था । अब बात करेंगे उत्तराखंड राजनीति की । आज 6 जनवरी दिन बुधवार है । राजधानी देहरादून में सुबह से ही कांग्रेस के नेता एक बार फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को घेरने के लिए आक्रामक हैं ।

कुछ समय पहले ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने विधायकों महेश नेगी और कुंवर प्रणव चैंपियन पर लगे गंभीर आरोपों से उभर भी नहीं पाए थे कि अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बयान उनके लिए परेशानी बन गया है । आइए आपको बताते हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के लिए नई सियासी मुसीबत क्या है ।

बात करेंगे उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की । भगत ने बैठे-बिठाए कांग्रेस को मुद्दा थमा दिया । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश को ‘बुढ़िया’ कह कर पुकारने में देवभूमि का सियासी बाजार गर्म कर दिया ।

बंशीधर भगत के बयान के विरोध में कांग्रेसियों ने इसे भाजपा की संस्कृति से जोड़ते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का मन बना रहे हैं । पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है ।

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वहीं कांग्रेस कमेटी की सदस्य गरिमा मेहरा दसौनी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भगत के बयान के बाद कहा कि उन्होंने महिलाओं के मान सम्मान पर भारी ठेस पहुंचाई है, कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी । मामला बढ़ने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इंदिरा हृदयेश से माफी मांगी । सीएम के माफी मांगने के बाद भी कांग्रेस नेता भाजपा सरकार को घेरनी की तैयारी कर रहे हैैं ।

इंदिरा हृदयेश के भाजपा विधायकों के संपर्क वाले बयान पर बंशीधर भगत आपा खो बैठे

आइए आपको बताते हैं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत क्यों अपनी जुबान पर नियंत्रण नहीं रख पाए । कुछ दिनों पहले उत्तराखंड की पूर्व कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा था कि छह भाजपा के विधायक उनके संपर्क में है । मंगलवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत एक आयोजित कार्यक्रम के लिए नैनीताल पहुंचे थे ।

इस कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश के उस बयान का जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी के छह-विधायक उनके संपर्क में हैं । इस दौरान सभी मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए बंशीधर भगत ने इंदिरा हृदयेश को ‘बुढ़िया’ कह दिया। ‘इस मौके पर भाजपा के मौजूद कार्यकर्ता जोर से ठहाके लगाने लगे तब भगत ने अति उत्साह में आकर कहा कि हमारी नेता प्रतिपक्ष इंदिरा कह रहीं हैं कि बीजेपी के बहुत से विधायक मेरे संपर्क में हैं, अरे बुढ़िया, तुझसे क्यों संपर्क करेंगे, तुझसे संपर्क करेंगे, क्या डूबते जहाज से संपर्क करेंगे’ ।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की टिप्पणी पर इंदिरा हृदयेश ने कहा कि मैं मर्यादित भाषा का प्रयोग करती हूं, इसलिए मैं कोई अशिष्ट टिप्पणी नहीं करूंगी लेकिन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस पर नोटिस देना चाहिए और बंशीधर भगत से इसका जवाब लेना चाहिए।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के खेद जताने के बाद भी कांग्रेस इस मुद्दे को तूल देने में जुटी

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए सवा साल है। ऐसे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बहुत ही सोच समझ कर कदम बढ़ा रहे हैं । मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि ऐसा कोई मुद्दा विपक्ष को मिले जिसमें भाजपा को नुकसान उठाना पड़े । खासतौर पर महिलाओं से जुड़े आत्मसम्मान के मुद्दे पर ।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी की जानकारी हुई तो उन्होंने देर नहीं की तुरंत ही ट्विटर हैंडल से नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से माफी मांगी । आइए आपको बताते हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत ने माफी में क्या लिखा, सीएम ने ट्वीट किया, आदरणीय इंदिरा हृदयेश बहिन जी, आज मैं अति दुखी हूं, महिला हमारे लिए अति सम्मानित व पूज्यनीय हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से आपसे व उन सभी से क्षमा चाहता हूं जो मेरी तरह दुखी हैं ।

मैं कल आपसे व्यक्तिगत बात करूंगा व पुनः क्षमा याचना करूंगा। भले ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भगत के बयान पर माफी मांगते हुए खेद जता दिया हो लेकिन उत्तराखंड कांग्रेसियों ने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान से जोड़ते हुए इसे भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दा बना लिया है और इसे पूरे प्रदेश में तूल देने में जुटी हुई है ।

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