कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल डीजल के दाम जस के तस, जानिए आज आपके शहर में क्या है नया रेट
पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने की उम्मीद ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से रुकी बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए चीन सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली।
हालांकि पूरे सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कच्चा तेल अब भी लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। इससे पहले लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था।
भारत में आज भी नहीं बदले पेट्रोल और डीजल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार 25 जुलाई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। देशभर में 25 मई 2026 के बाद से ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सरकारी कंपनियों ने लंबे समय तक कीमतें नहीं बढ़ाईं। बाद में मई 2026 के दौरान चार अलग अलग चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए। इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां अब भी लागत के दबाव का सामना कर रही हैं।
मई 2026 में चार बार बढ़े थे ईंधन के दाम
सरकारी तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 को पहली बार पेट्रोल में 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा किया गया।
23 मई 2026 को फिर पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की वृद्धि हुई।
आखिरी बढ़ोतरी 25 मई 2026 को हुई, जब पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ।
आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल का रेट
| शहर | पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) | डीजल (रुपये प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
तेल कंपनियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर सरकारी तेल कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है। बीपीसीएल और एचपीसीएल को जून तिमाही में भारी घाटा उठाना पड़ा है। वहीं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अभी तक अपने तिमाही नतीजे जारी नहीं किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार उतार चढ़ाव का असर आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है।
कच्चे तेल का ताजा हाल
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन ब्रेंट क्रूड 3.88 प्रतिशत यानी 3.91 डॉलर की गिरावट के साथ 96.78 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.12 प्रतिशत यानी 2.88 डॉलर टूटकर 89.31 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव दोबारा बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।