कच्चे तेल में ऐतिहासिक गिरावट! ईरान-अमेरिका के बीच नरमी आते ही औंधे मुंह गिरे दाम, जानिए नया भाव

कच्चे तेल में ऐतिहासिक गिरावट! ईरान-अमेरिका के बीच नरमी आते ही औंधे मुंह गिरे दाम, जानिए नया भाव

वैश्विक ऊर्जा बाजार और आम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में अमेरिका और ईरान द्वारा लगातार दूसरे दिन नए सैन्य प्रहार से परहेज करने के बाद रविवार को शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई।

दो दिनों की इस युद्धविराम जैसी स्थिति से वैश्विक आपूर्ति ठप होने का डर कम हुआ है, जिसके चलते निवेशकों और व्यापारियों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी। इसके प्रभाव से ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.9 प्रतिशत फिसलकर 92.02 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को भी इसमें 3.9 प्रतिशत की नरमी देखने को मिली थी।

102 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से नीचे फिसला ब्रेंट क्रूड

बीते सप्ताह मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका गहराने के कारण ब्रेंट क्रूड अचानक 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था, जो मई के बाद का उच्चतम स्तर था। इस महीने की शुरुआत में दर्ज निचले स्तरों से कच्चे तेल के भाव में करीब 30 डॉलर प्रति बैरल तक का भारी उछाल आ चुका था। हालांकि, रविवार को दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों पर लगे ब्रेक ने बाजार को अस्थायी ही सही, पर राहत की सांस दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में आपूर्ति पर मंडराया संकट

मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव ने पूरे महीने क्रूड ऑयल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव बनाए रखा। निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता ओमान और ईरान के बीच स्थित 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर है। इस संकरे जलमार्ग से दुनिया के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) गुजरता है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा, लाल सागर मार्ग का इस्तेमाल करने वाले सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हुए कथित हमलों ने वैकल्पिक रास्तों पर भी जोखिम बढ़ा दिया है।

आम जनता पर महंगाई का खतरा: पेट्रोल की दरें और माल ढुलाई महंगी

कच्चे तेल में आए हालिया उछाल का असर पहले से ही रिटेल ईंधन की कीमतों पर दिख रहा है। ऑटोमोबाइल संस्था AAA के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार को अमेरिका में सामान्य पेट्रोल की औसत कीमत बढ़कर 4.11 डॉलर प्रति गैलन हो गई, जो एक महीने पहले 3.90 डॉलर और बीते साल इसी अवधि में 3.15 डॉलर थी। विश्लेषकों की चेतावनी है कि ईंधन महंगा होने से वैश्विक स्तर पर लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जिससे किराने के सामान से लेकर रोजमर्रा की तमाम उपभोक्ता वस्तुएं महंगी हो सकती हैं।

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