250 रुपये के पार पहुंचा Jio Platforms IPO का GMP: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे की उम्मीद
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में जिस महा मेगा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का निवेशकों को पिछले कई सालों से सबसे बेसब्री से इंतजार था, अब उसकी घड़ी आखिरकार आ ही पहुंची है। देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम सर्विस प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम की पेरेंट कंपनी, यानी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms IPO) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अगले हफ्ते बाजार में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। बाजार से मिल रही लेटेस्ट और बेहद रोमांचक खबरों के अनुसार, इस इश्यू के खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है और जियो प्लेटफॉर्म्स का जीएमपी (Grey Market Premium - GMP) उछलकर 250 रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इस शानदार प्रीमियम को देखते हुए निवेशकों और स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट्स के बीच यह चर्चा गर्म हो गई है कि यह आईपीओ शेयर बाजार में सूचीबद्ध (List) होते ही निवेशकों को मालामाल कर सकता है और लिस्टिंग गेन के मामले में पिछले कई सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस आईपीओ का प्राइस बैंड क्या है, यह कब खुलेगा और इसमें निवेश को लेकर निवेशकों का रुझान कैसा बना हुआ है।
कब खुलेगा Jio Platforms IPO और क्या है इसका पूरा टाइमलाइन शेड्यूल?
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 21 अक्टूबर 2026 से निवेशकों के लिए खुल जाएगा और निवेशक इसमें 23 अक्टूबर 2026 तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स (Anchor Investors) के लिए इस इश्यू की बिडिंग प्रक्रिया एक दिन पहले यानी 20 अक्टूबर से ही शुरू हो जाएगी। कंपनी द्वारा इस आईपीओ के जरिए बाजार से भारी-भरकम पूंजी जुटाने की योजना बनाई गई है, जो देश के प्राइमरी मार्केट का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर के आसपास तय होने की उम्मीद है, जबकि जिन भाग्यशाली निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे, उनके डीमैट खातों में शेयर 28 अक्टूबर तक क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसके बाद, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर की धमाकेदार लिस्टिंग 30 अक्टूबर 2026 को होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
ग्रे मार्केट में क्यों मचा हुआ है तहलका? जानिए क्या चल रहा है लेटेस्ट GMP?
किसी भी आईपीओ के लॉन्च होने से पहले उसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इस बात का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है कि सेकेंडरी मार्केट में उस कंपनी को लेकर निवेशकों में कितना क्रेज है। जियो प्लेटफॉर्म्स के मामले में स्थिति बेहद मजबूत और सकारात्मक नजर आ रही है। अनौपचारिक बाजार यानी ग्रे मार्केट में जियो के शेयर का जीएमपी उछलकर 250 रुपये प्रति शेयर से भी ऊपर ट्रेड कर रहा है। यदि कंपनी का फाइनल प्राइस बैंड मध्यम स्तर पर भी तय होता है, तो इस जीएमपी के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि निवेशकों को शेयर मिलते ही 40 से 50 प्रतिशत तक का बंपर लिस्टिंग फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि रिटेल निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) के बीच इस इश्यू में आवेदन करने के लिए जबरदस्त होड़ मची हुई है। देश के हर कोने से निवेशक अपने डीमैट खातों और फंड्स की तैयारी में जुटे हुए हैं।
कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की विकास योजनाएं
जियो प्लेटफॉर्म्स केवल एक टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसके तहत 4G और 5G वायरलेस कनेक्टिविटी, हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉल्यूशंस, डिजिटल एंटरटेनमेंट ऐप्स और पेमेंट गेटवे जैसी अत्याधुनिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। भारत के डिजिटल रेवोल्यूशन में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाली इस कंपनी के पास करोड़ों की संख्या में एक्टिव ग्राहक आधार (Subscriber Base) मौजूद है, जो इसकी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत बनाता है। कंपनी द्वारा आईपीओ से जुटाई जाने वाली धनराशि का उपयोग देश भर में 5जी नेटवर्क के विस्तार, नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी में निवेश, अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स के निर्माण और कॉपरट कॉर्पोरेट कर्ज को कम करने के लिए किया जाएगा। भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करने की दिशा में जियो का यह कदम मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
निवेशकों को आईपीओ में आवेदन करते समय किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
चूंकि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ साल 2026 का सबसे बड़ा और चर्चित वित्तीय इवेंट है, इसलिए इसमें भारी ओवरसब्सक्रिप्शन (Over-subscription) देखने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शुरुआत के दिनों में ही अपने वित्तीय सलाहकारों से परामर्श करके पूरी रिसर्च के साथ आवेदन करें। अपने डीमैट खाते और यूपीआई (UPI) मैंडेट को पहले से ही सक्रिय और तैयार रखें ताकि किसी भी तकनीकी बाधा के कारण आपका आवेदन रद्द न हो। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं या शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग गेन की तलाश में हैं, दोनों ही दृष्टियों से यह आईपीओ आपके पोर्टफोलियो के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। 21 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा यह महा-अभियान भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिस पर देश-दुनिया के तमाम निवेशकों की पैनी नजर टिकी हुई है।