Muhurat Trading 2026: दिवाली पर सेंसेक्स 29 अंक टूटा , 25 हजार के नीचे बंद हुआ निफ्टी
दिवाली के पावन अवसर पर दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के लिए एक बेहद खास और बहुप्रतीक्षित एक घंटे का विशेष 'मूहूर्त ट्रेडिंग' सत्र आयोजित किया गया, जो भारतीय शेयर बाजार में नए हिंदू संवत वर्ष यानी 'संवत 2083' के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है। इस बार के इस पारंपरिक और शुभ सत्र में बाजार की शुरुआत तो काफी शानदार जोश और हरे निशान के साथ हुई थी, लेकिन सत्र के अंतिम क्षणों में हुई बिकवाली के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों के बीच थोड़ा संशय जरूर देखा गया। हालांकि, जानकारों का मानना है कि मूहूर्त ट्रेडिंग का उद्देश्य सिर्फ सांकेतिक निवेश और भविष्य के लिए वित्तीय समृद्धि की कामना करना होता है, इसलिए इस मामूली उतार-चढ़ाव को लेकर निवेशकों को घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज की गई हल्की गिरावट
रविवार को आयोजित इस विशेष एक घंटे के कारोबारी सत्र (दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक) के दौरान कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) लगभग 28.62 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की हल्की कमजोरी के साथ 80,999.40 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी50 (Nifty50) भी लगभग 43.95 अंक यानी 0.18 प्रतिशत फिसलकर 24,986.40 के आसपास बंद हुआ। सत्र के दौरान बाजार में एक समय ऐसा भी आया जब निवेशकों ने पिछले सप्ताह के लगातार सात सत्रों की शानदार तेजी के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) करना शुरू कर दिया, जिसके चलते दोनों ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में फिसल गए। इसके साथ ही पिछले कई वर्षों से मूहूर्त ट्रेडिंग के दिन लगातार हरे निशान में बंद होने वाला सिलसिला इस बार हल्का सा थम गया, फिर भी बाजार के जानकारों ने इसे एक स्वस्थ करेक्शन और सामान्य बाजार प्रक्रिया करार दिया है।
निवेशकों में दिखा उत्साह और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी
भले ही मुख्य सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हों, लेकिन इस शुभ अवसर पर निवेशकों और खुदरा व्यापारियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। टाटा स्टील, सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी लिवाली देखने को मिली, जिससे कई शेयरों ने इस विशेष सत्र के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया। जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में जो लगातार तेजी बनी हुई थी, उसके बाद यह हल्का ठहराव इस बात का संकेत है कि बाजार अपनी चाल को और अधिक मजबूत कर रहा है। नए संवत 2083 में देश की आर्थिक स्थिति, मजबूत कॉर्पोरेट कमाई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) के समर्थन के दम पर बाजार में लंबी अवधि के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म्स और वित्तीय विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से बचने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में लंबी अवधि का नजरिया रखकर निवेश करें।
मूहूर्त ट्रेडिंग का सांस्कृतिक महत्व और भविष्य का आउटलुक
भारतीय संस्कृति में दीपावली के दिन होने वाली मूहूर्त ट्रेडिंग को मां लक्ष्मी की आराधना और नए वित्तीय साल की शुरुआत के रूप में बेहद पवित्र माना जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में भाग लेने के लिए देश के कोने-कोने से अनुभवी निवेशकों से लेकर नए शेयर बाजार के खिलाड़ियों तक सभी में भारी उमंग रहती है। इस साल भले ही सत्र का समापन मामूली गिरावट के साथ हुआ हो, लेकिन इस एक घंटे के दौरान हुआ लेनदेन इस बात की गवाही देता है कि भारतीय पूंजी बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले महीनों में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर बाजार की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी, लेकिन निवेशकों का अटूट विश्वास यह बताता है कि संवत 2083 भी वेल्थ क्रिएशन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हो सकता है।