शेयर बाजार की भारी गिरावट के बीच म्यूचुअल फंड का बंपर मुनाफा
देश के शेयर बाजार में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव और भारी गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है, जिससे छोटे और मध्यम निवेशक थोड़े सहमे हुए नजर आ रहे हैं कि कहीं उनकी मेहनत की कमाई डूब न जाए। बाजार के इस सुस्त और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच वित्तीय बाजार से एक बेहद राहत भरी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है जिसने निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान बिखेर दी है। स्टॉक मार्केट के धड़ाम होने और प्रमुख सूचकांकों में करेक्शन के बावजूद कुछ चुनिंदा म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने पिछले महज छह महीनों के भीतर अपने निवेशकों को 28 प्रतिशत तक का ताबड़तोड़ रिटर्न देकर सबको हैरान कर दिया है। जब बाजार के बड़े-बड़े धुरंधर निवेशक घाटे का सौदा कर रहे हैं, तब म्यूचुअल फंड की इन खास योजनाओं का इस तरह रॉकेट की रफ्तार से भागना इस बात का प्रमाण है कि यदि सही रणनीति और समझदारी के साथ निवेश किया जाए, तो मंदी के दौर में भी मालामाल हुआ जा सकता है। इस विस्तृत और ज्ञानवर्धक आलेख में आइए गहराई से जानते हैं कि बाजार की इस मंदी के बीच म्यूचुअल फंड का कौन सा सेगमेंट यह चमत्कार दिखा रहा है और आप कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं।
शेयर बाजार में मंदी और बिकवाली के दौर के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए क्यों बन रहा है वरदान
अक्सर जब शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी गोता लगाते हैं, तो सामान्य निवेशकों में पैनिक फैल जाता है और वे अपने पोर्टफोलियो को बेचकर बाहर निकलने लगते हैं, जिसे वित्तीय सलाहकार सबसे बड़ी भूल बताते हैं। बाजार की इस गिरावट के दौरान जब शेयरों के दाम काफी नीचे आ जाते हैं, तो म्यूचुअल फंड्स के फंड मैनेजरों को बेहतरीन और मजबूत कंपनियों के शेयर बहुत ही सस्ते दामों में खरीदने का सुनहरा मौका मिल जाता है। यही वजह है कि जब छह महीने पहले बाजार में सुस्ती का माहौल था और लोगों ने डरकर निवेश रोका था, तब चुनिंदा म्यूचुअल फंड्स ने चुनिंदा सेक्टरों में पैसा लगाकर इस मंदी का पूरा फायदा उठाया। आज जब वही निवेश छह महीने का सफर तय करके बाहर आया है, तो उसने 28 प्रतिशत तक का बंपर मुनाफा दर्ज करके यह साबित कर दिया है कि बाजार की गिरावट असल में समझदार निवेशकों के लिए खरीदारी का सबसे बड़ा अवसर होती है।
पिछले 6 महीनों में 28% रिटर्न देने वाली इन म्यूचुअल फंड स्कीम्स और सेक्टरों का पूरा और हैरान करने वाला सच
विश्लेषकों और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में जिन म्यूचुअल फंड्स ने सबसे शानदार 28% तक का रिटर्न दिया है, उनमें मुख्य रूप से वैल्यू फंड्स, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और चुनिंदा मिडकैप तथा स्मॉलकैप कैटेगरी की स्कीम्स शामिल हैं। जब लार्जकैप शेयर बाजार की उठापटक में सुस्त पड़े थे, तब इन विशिष्ट सेक्टरों की कंपनियों के शेयरों ने अपनी मजबूत बैलेंस शीट और सरकारी नीतियों के दम पर जबरदस्त छलांग लगाई है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) के जरिए अनुशासित होकर हर महीने पैसा निवेश करने वाले छोटे निवेशकों को इस गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा मिला है, क्योंकि उन्हें कम NAV (Net Asset Value) पर ज्यादा यूनिट्स अलॉट हुई हैं। यही कारण है कि जब बाजार थोड़ा संभला, तो उन यूनिट्स की वैल्यू में अचानक से भारी उछाल आया और निवेशकों का कुल पोर्टफोलियो मुनाफे के नए रिकॉर्ड बनाने लगा।
क्या आपको भी इस गिरावट के बाजार में म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने चाहिए? जानिए एक्सपर्ट्स की खास राय
यदि आप भी शेयर बाजार के इस मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखकर निवेश करने से डर रहे हैं, तो वित्तीय विशेषज्ञों की यह सलाह आपके लिए आंखें खोलने वाली साबित हो सकती है। एक्सपर्ट्स का यह साफ कहना है कि बाजार की गिरावट से डरने के बजाय अपनी निवेश रणनीति को मजबूत रखना चाहिए और लंबी अवधि (Long Term) को ध्यान में रखकर ही पैसा लगाना चाहिए। एकमुश्त (Lump sum) पैसा एक साथ लगाने के बजाय यदि आप एसआईपी (SIP) के माध्यम से सिस्टेमेटिक तरीके से निवेश करते हैं, तो बाजार की हर गिरावट आपके लिए फायदेमंद साबित होगी क्योंकि आपको औसत लागत (Average Cost) का जबरदस्त लाभ मिलेगा। किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य कर लें और अपने जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Appetite) को ध्यान में रखकर ही सही फंड का चुनाव करें।
मंदी के इस दौर में समझदारी से उठाया गया कदम ही भविष्य में बना सकता है आपको एक सफल और अमीर निवेशक
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड का यह सफर हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहता है, जहाँ कभी धूप होती है तो कभी छांव, लेकिन इतिहास गवाह है कि जिसने धीरज रखा उसने हमेशा मुनाफा कमाया है। केवल छह महीने में 28 प्रतिशत का यह रिटर्न इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सही समय पर सही जगह पर लगाया गया पैसा किस प्रकार आपकी तकदीर बदल सकता है। आज के इस दौर में जब महंगाई तेजी से बढ़ रही है, केवल बैंक की पारंपरिक एफडी (FD) पर निर्भर रहने के बजाय म्यूचुअल फंड्स की इन बेहतरीन योजनाओं को समझना और उनमें समझदारी से निवेश करना एक समझदार नागरिक की पहचान है। आइए इस मंदी से घबराने के बजाय एक सुनियोजित वित्तीय योजना बनाएं, अपने निवेश के लक्ष्यों को तय करें, और आर्थिक स्वतंत्रता की ओर मजबूती से अपना अगला कदम बढ़ाएं।