EMI का खेल खत्म, iPhone 17 और Galaxy S26 Ultra अब बिना खरीदे चलाओ

EMI का खेल खत्म, iPhone 17 और Galaxy S26 Ultra अब बिना खरीदे चलाओ

बाजार में प्रीमियम और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की आसमान छूती कीमतों के बीच भारतीय टेक प्रेमियों के लिए एक बेहद किफायती और नया विकल्प सामने आया है। अब आपको लाखों रुपये खर्च करने या भारी-भरकम मासिक ईएमआई (EMI) के जाल में फंसने की जरूरत नहीं है, क्योंकि फिनटेक प्लेटफॉर्म 'BytePe' ने गैजेट्स के लिए खास 'सब्सक्रिप्शन मॉडल' पेश कर दिया है। इस सेवा के तहत यूजर्स iPhone 17, Samsung Galaxy S26 Ultra और वनप्लस के टॉप-टियर फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स को बिना किसी डाउन पेमेंट के मासिक किराए पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्लान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर साल नए मॉडल में मुफ्त अपग्रेड की सुविधा और कॉम्प्लिमेंट्री डैमेज प्रोटेक्शन भी शामिल है।

बिना डाउन पेमेंट महंगे फोन इस्तेमाल करने का नया तरीका

अक्सर लोग स्मार्टफोन सब्सक्रिप्शन और स्टैंडर्ड ईएमआई के बीच भ्रमित हो जाते हैं, जबकि दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है। ईएमआई के जरिए फोन खरीदते वक्त ग्राहक को डिवाइस की पूरी मूल कीमत ब्याज समेत चुकानी पड़ती है और फोन को लंबे समय तक रखना मजबूरी बन जाता है। इसके उलट, सब्सक्रिप्शन मॉडल में उपभोक्ता केवल उसी अवधि का मासिक शुल्क अदा करता है, जितने समय तक वह हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा है।

उदाहरण के लिए, iPhone 17 की सामान्य स्टैंडर्ड ईएमआई लगभग ₹6,492 प्रति माह बैठती है, जबकि BytePe के सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत यही लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन महज ₹3,456 प्रति माह की शुरुआती कीमत पर हाथ में आ जाता है। इससे हर महीने बजट पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव लगभग आधा रह जाता है।

गैजेट्स के शौकीन युवाओं के लिए यह मॉडल इसलिए भी वरदान साबित हो रहा है क्योंकि इसमें 12 महीने इस्तेमाल के बाद पुराना फोन दोबारा बेचने, ऑनलाइन खरीदार ढूंढने या एक्सचेंज वैल्यू को लेकर सौदेबाजी करने की कोई सिरदर्दी नहीं होती। 12 महीने पूरे होते ही यूजर आसानी से अपने फोन को लेटेस्ट लॉन्च हुए नए फ्लैगशिप मॉडल से बदल सकता है। इसके अलावा, यदि किसी ग्राहक को अपना मौजूदा फोन इतना पसंद आ जाए कि वह उसे हमेशा के लिए अपना बनाना चाहे, तो साल भर बाद बाकी बची अवशिष्ट राशि (रेसिड्यूअल वैल्यू) चुकाकर उसका स्थायी मालिकाना हक भी हासिल कर सकता है। इस दौरान रोजमर्रा के उपयोग में होने वाले छोटे-मोटे नुकसान के लिए दिए जाने वाले डैमेज प्रोटेक्शन से भी यूजर मानसिक रूप से पूरी तरह बेफिक्र रहता है।

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में यह बदलाव ऐसे समय आया है जब प्रीमियम सेगमेंट में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म 'काउंटरपॉइंट' (Counterpoint Research) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में भले ही ओवरऑल स्मार्टफोन शिपमेंट में ठहराव हो, लेकिन अल्ट्रा-प्रीमियम हैंडसेट्स की मांग में जबरदस्त तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार, कुल स्मार्टफोन बिक्री का 42 प्रतिशत हिस्सा केवल ईएमआई और कंज्यूमर फाइनेंसिंग विकल्पों के दम पर टिका हुआ है। ऐसे आर्थिक परिदृश्य में, सब्सक्रिप्शन आधारित इकोसिस्टम न केवल ग्राहकों की जेब पर ईएमआई का बोझ घटाने में गेमचेंजर साबित हो सकता है, बल्कि तकनीक प्रेमियों को बिना बजट बिगाड़े हमेशा सबसे आधुनिक तकनीक से जोड़े रखेगा।