20 साल का होम लोन 10 साल में होगा खत्म, ये 5 आसान EMI ट्रिक्स बचाएंगी लाखों का ब्याज

20 साल का होम लोन 10 साल में होगा खत्म, ये 5 आसान EMI ट्रिक्स बचाएंगी लाखों का ब्याज

अपना आशियाना खरीदना हर किसी का सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन इसके साथ ही शुरू होता है 20 से 30 वर्षों तक हर महीने ईएमआई (EMI) चुकाने का एक लंबा आर्थिक और मानसिक सफर। होम लोन एक ऐसा वित्तीय दायित्व है जिसमें लंबे टेन्योर के चलते बैंक को चुकाया जाने वाला कुल ब्याज कई बार लोन की मूल राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) से भी कहीं अधिक निकल जाता है।

हालांकि, अगर शुरुआत से ही ठोस वित्तीय रणनीति और थोड़ा अनुशासन अपनाया जाए, तो लोन की कुल अवधि को घटाकर आधा किया जा सकता है और ब्याज मद में जाने वाले लाखों रुपये सीधे तौर पर बचाए जा सकते हैं।

हर साल 1 अतिरिक्त EMI चुकाने का कमाल: मूलधन पर सीधा असर

लोन की अवधि तेजी से घटाने का सबसे सरल और व्यावहारिक फॉर्मूला है हर कैलेंडर वर्ष में केवल एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करना। जब आप साल में 12 की जगह 13 किस्तों का भुगतान करते हैं, तो वह 13वीं किस्त सीधे आपके मूलधन (प्रिंसिपल) में से घट जाती है। जैसे ही मूलधन कम होता है, उस पर लगने वाला चक्रवृद्धीय ब्याज स्वतः गिर जाता है। इस एक छोटे से कदम से 20 से 25 साल की लोन अवधि बिना किसी बड़े आर्थिक दबाव के कई साल पहले ही समाप्त हो जाती है।

सालाना 5% से 10% बढ़ाएं EMI: 20 साल का लोन 12 साल में खत्म

नौकरीपेशा लोगों का वेतन या व्यापारियों की वार्षिक आय हर साल औसतन 7 से 12 प्रतिशत बढ़ती है। जैसे ही आपकी कमाई में इजाफा हो, ठीक उसी अनुपात में अपनी होम लोन ईएमआई को भी प्रतिवर्ष 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्देश बैंक को दें (स्टेप-अप ईएमआई)। हर साल की गई यह मामूली वृद्धि आपके 20 साल के लोन को महज 12 से 13 साल के भीतर पूरी तरह खत्म करने की ताकत रखती है, जिससे आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई बैंक के भारी-भरकम ब्याज में जाने से बच जाती है।

सालाना बोनस, टैक्स रिफंड और अतिरिक्त आय से करें पार्ट प्री-पेमेंट

कंपनी से मिलने वाले सालाना प्रदर्शन बोनस, टैक्स रिफंड या किसी अन्य मैच्योरिटी से मिले एकमुश्त फंड को गैर-जरूरी खर्चों में उड़ाने के बजाय सीधे होम लोन खाते में पार्ट प्री-पेमेंट के तौर पर जमा करने की आदत डालें। जब भी हाथ में कोई मोटी रकम आए, उसका कम से कम 50 से 70 फीसदी हिस्सा तुरंत लोन अकाउंट में डालें। इससे बकाया लोन राशि एक झटके में घटती है और बैंक के री-कैलकुलेशन में आपका लोन टेन्योर तेजी से सिमट जाता है।

होम लोन बैलेंस ट्रांसफर: 0.50% की छूट भी दिलाएगी लाखों की बचत

अगर आपका मौजूदा बैंक बाजार की प्रतिस्पर्धी दरों से ज्यादा ब्याज वसूल रहा है, तो बिना हिचकिचाहट के होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (HLBT) का विकल्प तलाशें। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, ब्याज दर में सिर्फ 0.50 प्रतिशत (आधा फीसदी) की मामूली कटौती भी 20 साल के लोन पर लाखों रुपये की कुल शुद्ध बचत करा देती है। नए बैंक में स्विच करने से पहले प्रोसेसिंग फीस और लीगल चार्ज का आकलन जरूर कर लें, ताकि शुद्ध मुनाफे का सही हिसाब मिल सके।

फ्लोटिंग-रेट लोन का फायदा: शून्य पेनल्टी के साथ जब चाहें जमा करें रकम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन पर बैंकों को किसी भी प्रकार का प्री-पेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज (पेनल्टी) वसूलने की मनाही है। इसका पूरा फायदा उठाते हुए जब भी आपके बचत खाते में 10,000 या 20,000 रुपये का सरप्लस फंड बने, उसे बिना किसी शुल्क की चिंता किए सीधे लोन अकाउंट में ट्रांसफर करते रहें। होम लोन से समय पूर्व आजादी पाने के लिए बेतहाशा कमाई से ज्यादा एक नियमित और अनुशासित वित्तीय प्रबंधन की जरूरत होती है।