बिहार में पावर सप्लाई होगी मजबूत, चौसा से 1,320 MW क्षमता के साथ बिजली उत्पादन का रास्ता साफ

बिहार में पावर सप्लाई होगी मजबूत, चौसा से 1,320 MW क्षमता के साथ बिजली उत्पादन का रास्ता साफ

बिहार के ऊर्जा क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बक्सर जिले के चौसा स्थित थर्मल पावर प्लांट (ताप बिजली घर) की दूसरी 660 मेगावाट की अत्याधुनिक यूनिट से व्यावसायिक बिजली उत्पादन शुरू होने जा रहा है।

इस अहम यूनिट के संचालन में आते ही 1,320 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता वाला यह विशालकाय पावर स्टेशन अब अपनी दोनों यूनिटों के साथ पूरी क्षमता से ग्रिड को रोशन करने लगेगा। इस उपलब्धि के बाद प्रदेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।

72 घंटे का ट्रायल रन रहा सफल, 12 सितंबर की मध्यरात्रि से कमर्शियल ऑपरेशन

कंपनी प्रबंधन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दूसरी यूनिट का व्यावसायिक परिचालन 12 सितंबर की मध्यरात्रि से आधिकारिक रूप से प्रभावी कर दिया गया है। इससे पहले इस सुपरक्रिटिकल यूनिट का नेशनल ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइजेशन और 72 घंटे का निरंतर फुल-लोड ट्रायल रन पूरी तरह सफल रहा था। सभी कड़े तकनीकी मानकों, सुरक्षा पैमानों और लोड टेस्टिंग की अंतिम जांच के बाद इसे कमर्शियल संचालन के लिए पूरी तरह हरी झंडी दी गई है।

उत्पादित बिजली का 85 फीसदी हिस्सा सीधे बिहार को, ग्रिड होगा मजबूत

इस महत्वाकांक्षी बिजली परियोजना का सबसे बड़ा और सीधा लाभ बिहार के बिजली उपभोक्ताओं और राज्य सरकार को मिलेगा। दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत संयंत्र से उत्पादित होने वाली कुल बिजली का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) को आवंटित किया जाएगा। इससे राज्य के केंद्रीय पूल पर निर्भरता कम होगी और पीक आवर्स के दौरान स्थानीय स्तर पर ही पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

गर्मी और त्योहारों में नो पावर कट: उद्योगों और आम जनता को बड़ी राहत

चौसा ताप विद्युत संयंत्र के शत-प्रतिशत क्षमता से कार्यरत होने के बाद बिहार के खाते में भारी मात्रा में अतिरिक्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। इससे भीषण गर्मी के दिनों और आने वाले प्रमुख त्योहारों के समय अचानक बढ़ने वाली बिजली की भारी मांग को बिना किसी कटौती के पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में तेजी से बढ़ रहे छोटे-बड़े उद्योगों, कृषि फीडरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिलने से राज्य के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।