RBI का मास्टर स्ट्रोक: गिरते रुपये को बचाने के लिए चला बड़ा दांव, वायदा बाजार में टूटा रिकॉर्ड
भारतीय रुपये की सेहत सुधारने और इसे डॉलर के मुकाबले बड़ी गिरावट से बचाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। केंद्रीय बैंक की सटीक रणनीति और समय पर उठाए गए कदम का असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है। आरबीआई की इस कोशिश के बाद न केवल रुपये को सहारा मिला है, बल्कि वायदा बाजार (Futures Market) में भी एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
रुपये की गिरावट पर ब्रेक लगाने की तैयारी
वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और मजबूत होते डॉलर के बीच पिछले कुछ समय से भारतीय रुपया लगातार दबाव में था। रुपये की इस कमजोरी को थामने और घरेलू बाजार में स्थिरता लाने के लिए आरबीआई ने एक विशेष मास्टर स्ट्रोक खेला। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में लिक्विडिटी को नियंत्रित करने और रुपये में भारी उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप किया, जिसने ढाल की तरह काम किया।
वायदा बाजार में बना नया रिकॉर्ड
आरबीआई के इस बड़े एक्शन का सीधा और सकारात्मक असर वायदा बाजार पर देखने को मिला। बाजार के जानकारों के मुताबिक, केंद्रीय बैंक की इस कोशिश के रंग लाते ही ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल आया, जिसने वायदा बाजार में गतिविधि का एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। इस कदम से न केवल निवेशकों का भरोसा लौटा है, बल्कि सट्टेबाजी की गतिविधियों पर भी लगाम लगी है, जिससे रुपये को एक मजबूत बेस मिला।
आगे क्या होगा बाजार का हाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक की इस रणनीति से आने वाले दिनों में रुपये को और अधिक मजबूती मिल सकती है। हालांकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले अभी भी भारतीय करेंसी के लिए चुनौती बने हुए हैं, लेकिन आरबीआई के इस ताजा एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि वह रुपये को किसी भी बड़े संकट से बचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।