Vi Share Price Zoomed: रॉकेट बन गया वोडाफोन आइडिया का शेयर! ₹35,000 करोड़ की इस महाडील की खबर से बाजार में आया भूचाल
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज लेकिन लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन बेहद शानदार रहा। कंपनी के शेयरों में ऐसी तूफानी तेजी आई कि स्टॉक सीधे अपने 52 हफ्तों के नए उच्चतम स्तर (52-Week High) पर जा पहुंचा। बाजार खुलते ही Vi के शेयरों में करीब 6 फीसदी का तगड़ा उछाल देखा गया और यह 13.64 रुपये के स्तर को छू गया। इस जोरदार तेजी के पीछे सबसे बड़ी और मुख्य वजह कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अभिजीत किशोर का वह बयान रहा, जिसने निवेशकों और बाजार में उत्साह की एक नई लहर दौड़ाई है।
SBI के नेतृत्व वाले बैंकों से ₹35,000 करोड़ की बड़ी फंडिंग डील
कंपनी के प्रमोटर और मैनेजमेंट पिछले काफी समय से फंड जुटाने के प्रयासों में लगे हुए थे, जो अब अंतिम चरण में पहुंचते दिख रहे हैं। Vi के CEO ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि कंपनी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (State Bank of India) के नेतृत्व वाले एक मजबूत बैंक समूह (Consortium) के साथ 35,000 करोड़ रुपये की विशाल फंडिंग डील को लेकर बेहद एडवांस और सकारात्मक बातचीत कर रही है।
इस मेगा डील के तहत वोडाफोन आइडिया को बैंकों से 25,000 करोड़ रुपये की फंडेड सुविधा और 10,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंडेड सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया बेहद तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस खबर के सामने आते ही उन निवेशकों ने राहत की सांस ली है जो लंबे समय से कंपनी के भविष्य को लेकर चिंतित थे।
4G और 5G नेटवर्क विस्तार के लिए ₹45,000 करोड़ का मेगा प्लान
रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) जैसी प्रतिद्वंदी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर, भारी-भरकम एजीआर (AGR) बकाया और लगातार घटते ग्राहक आधार के कारण वोडाफोन आइडिया चौतरफा दबाव झेल रही थी। लेकिन अब कंपनी ने बाजार में आक्रामक वापसी की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। कंपनी ने आने वाले तीन वर्षों में कुल 45,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम पूंजीगत निवेश (Capex) की योजना बनाई है।
इस बड़े निवेश का मुख्य उद्देश्य देशव्यापी स्तर पर अपने 4G नेटवर्क को और अधिक मजबूत करना तथा सुपरफास्ट 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है। इस आक्रामक नेटवर्क विस्तार के जरिए कंपनी खोए हुए ग्राहकों को वापस जोड़ने और अपनी ब्रांड इमेज को फिर से चमकाने की पूरी कोशिश करेगी। CEO अभिजीत किशोर ने भरोसा जताया है कि आने वाले तीन सालों में एबिटडा (EBITDA) ग्रोथ, प्रमोटर निवेश, टैक्स रिफंड और नए बैंक लोन के दम पर कंपनी अपनी सभी वित्तीय देनदारियों को बेहद आसानी से संभाल लेगी।
मार्च तिमाही के मुनाफे का असली सच: विशेषज्ञों की राय
इस बीच बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा वोडाफोन आइडिया के चौथी तिमाही (Q4) के चौंकाने वाले वित्तीय नतीजों की भी हो रही है। मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी ने सबको हैरान करते हुए 51,970 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) दर्ज किया है, जबकि पूरा बाजार कंपनी को भारी नुकसान होने का अनुमान लगा रहा था।
हालांकि, बाजार के बड़े वित्तीय विशेषज्ञों और विश्लेषकों ने इस मुनाफे के पीछे का असली गणित समझाते हुए निवेशकों को सावधान भी किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भारी मुनाफा कंपनी के मुख्य बिजनेस में सुधार की वजह से नहीं हुआ है, बल्कि यह AGR (Adjusted Gross Revenue) देनदारी के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के कारण हुआ है। यह एक बार का अकाउंटिंग एडजस्टमेंट (One-time Accounting Gain) था। अगर हम इस तकनीकी मुनाफे को हटाकर देखें, तो कंपनी का वास्तविक ऑपरेशनल घाटा (Operational Loss) अभी भी काफी बड़ा बना हुआ है, जिसे कम करना कंपनी के लिए आगामी समय में मुख्य चुनौती होगी।
शेयर परफॉर्मेंस और क्लोजिंग स्टेटस
फंडिंग और 5G विस्तार से जुड़ी इन बड़ी सकारात्मक खबरों के दम पर मंगलवार (19 मई 2026) को भी वोडाफोन आइडिया के शेयर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार बंद होने के समय Vi का स्टॉक 4.59% की शानदार बढ़त के साथ 13.45 रुपये के भाव पर बंद हुआ। बैंकों के साथ जारी बातचीत और भविष्य के ग्रोथ प्लान ने निवेशकों के बीच खोए हुए भरोसे को दोबारा कायम करने का काम किया है।