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नई दिल्ली ।। डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर यदि आप पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल या डीजल खरीदते हैं तो आपको अब सरचार्ज नहीं देना होगा। 9 जनवरी 2016 को केंद्र सरकार ने इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए यह फैसला सुनाया है। यह शुल्क पेट्रोल पंप मालिकों को भी नहीं चुकाना होगा। सरकार ने फैसला लिया है कि बैंक या तेल कंपनी ही सरचार्ज का बोझ उठाएंगे।

पेट्रोलियम राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- ग्राहक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देगें। बैंक और ऑयल कंपनियां आपस में इस पर विचार विमर्श कर रही हैं कि बैकों द्वारा कार्ड पेमेंट पर लिया जा रहा खर्च का यह अतिरिक्त भार कौन उठाएगा।

देश में कुल 56 हज़ार से ज्यादा पेट्रेल पंप हैं। इनमें कम से कम 52000 पर पीएनबी (PNB), आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक, एचडीएफसी (HDFC) और एक्सिस बैंक की स्वाइप मशीनें चलती हैं। रविवार रात पूरे देश के पेट्रोल पंप परिचालकों ने सभी बैंकों के डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये भुगतान स्वीकार नहीं करने के फैसले को 13 जनवरी तक के लिए टाल दिया था।

पेट्रोल पंप परिचालक कार्ड के जरिये भुगतान पर एक प्रतिशत शुल्क और उस पर कर लगाने के बैंकों के निर्णय का विरोध कर रहे हैं। नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की खरीद पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) खत्म कर दिया था लेकिन 50 दिन की छूट की अवधि समाप्त होने के बाद बैंकों ने पेट्रोल पंप मालिकों पर एमडीआर लगाने का निर्णय लिया।

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर कहा था कि “एचडीएफसी और अन्य बैंक” अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। इस शुल्क को ग्राहकों से वसूलने जैसी इसमें कोई बात नहीं है। लिहाजा डीलरों को वित्तीय नुकसान झेलना होगा।”

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