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Up kiran,Digital Desk : भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India – CCI) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने एयरलाइन पर अनुचित कारोबारी तरीके अपनाने का आरोप लगाया है। यह कदम दिसंबर में हुई हजारों उड़ानों की रद्दीकरण और संचालन संबंधी व्यवधानों के बाद उठाया गया है।

इंडिगो के खिलाफ क्या आरोप?

CCI के 16 पेज के आदेश में कहा गया है कि इंडिगो ने हजारों उड़ानों को रद्द कर अपनी सेवाओं को बाजार से प्रभावी रूप से रोका, जिससे कृत्रिम कमी पैदा हुई और उपभोक्ताओं की हवाई यात्रा तक पहुंच सीमित हो गई।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा व्यवहार प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4(2)(बी)(आई) के तहत मुख्य कंपनी द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग माना जा सकता है। प्रारंभिक जांच में यह व्यवहार भारत में प्रतिस्पर्धा पर नकारात्मक असर डालता प्रतीत होता है, इसलिए विस्तृत जांच के लिए महानिदेशक (DG) को आदेश दिया गया।

दिसंबर की उड़ानों की रद्दीकरण से पैदा हुआ संकट

दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद DGCA ने 10 फरवरी तक एयरलाइन के शीतकालीन शेड्यूल में 10% की कटौती की।

3 से 5 दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द हुईं।

इसी दौरान 1,852 उड़ानें देरी से चलीं।

इन व्यवधानों के कारण देशभर के तीन लाख से अधिक यात्रियों को प्रभावित होना पड़ा।

CCI का उद्देश्य

प्रतिस्पर्धा आयोग का कहना है कि किसी प्रमुख एयरलाइन द्वारा अपनी सेवाओं को सीमित करना और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करना अनुचित कारोबारी प्रथा है। जांच के बाद यह साफ हो जाएगा कि इंडिगो का यह व्यवहार प्रतिस्पर्धी बाजार पर कितना असर डालता है।