Up kiran,Digital Desk : असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक तीन दिन पहले राज्य की सियासत में 'विदेशी संपत्ति' के मुद्दे ने जबरदस्त उबाल पैदा कर दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके परिवार पर विदेशी धरती पर अघोषित संपत्तियां रखने का बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी की दुबई में आलीशान संपत्तियां हैं और अमेरिका के व्योमिंग में उनकी कंपनियां संचालित हो रही हैं। इन आरोपों के बाद असम की चुनावी फिजा पूरी तरह से गरमा गई है।
तीन देशों के पासपोर्ट और शेल कंपनियों का दावा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात (UAE), एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सीएम सरमा ने अपने चुनावी हलफनामे में इन विदेशी संपत्तियों और कंपनियों का जिक्र नहीं किया है। गौरव गोगोई ने सीधे सवाल दागते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री का पैसा विदेशी मुखौटा (Shell) कंपनियों में लगा है? कांग्रेस ने मांग की है कि चुनाव आयोग इन अघोषित संपत्तियों की जांच करे और केंद्र सरकार इसके लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करे।
'भगवद्गीता' पर हाथ रखकर कसम खाने की चुनौती
सियासी जंग उस वक्त और व्यक्तिगत हो गई जब गौरव गोगोई ने कहा, "सीएम सरमा मुझ पर पाकिस्तान में बैंक खाते होने का झूठा आरोप लगाते हैं। मैं भगवद्गीता पर हाथ रखकर कह सकता हूं कि यह सच नहीं है, क्या हिमंत बिस्व सरमा अपनी पत्नी की विदेशी संपत्तियों को लेकर ऐसा कर सकते हैं?" वहीं पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धार्मिक होने का नाटक करते हैं, इसलिए शायद वह गीता पर हाथ रखकर भी सच न बोलें। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि वे तुरंत अदालत जाएं, जहां कांग्रेस 'बोरी भर दस्तावेज' लेकर सच्चाई साबित करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री का पलटवार: 'डिजिटल हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों का खेल'
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस का 'घटिया दुष्प्रचार' करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पलटवार करते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों में भारी विसंगतियां हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी का आधिकारिक सरनेम 'शर्मा' है, जबकि कांग्रेस के दस्तावेजों में 'सरमा' लिखा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पासपोर्ट की तस्वीरें सार्वजनिक डोमेन से ली गई हैं और क्यूआर कोड अमान्य हैं। सीएम ने चेतावनी दी है कि पवन खेड़ा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और झूठ फैलाने के जुर्म में उन्हें जेल जाना होगा।
बीजेपी बनाम कांग्रेस: चुनाव से पहले आर-पार की जंग
असम की 27 वर्षीय युवा प्रत्याशी कुंकी चौधरी और अन्य स्थानीय मुद्दों के बीच अब यह 'विदेशी संपत्ति' विवाद चुनाव का मुख्य केंद्र बन गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए कहा कि अब देखना है कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का नारा देने वाले पीएम अपने मुख्यमंत्री पर क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर मानहानि के मुकदमों और जेल भेजने की धमकियां दे रही हैं, जिससे 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले असम का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।




