Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल अपने-अपने नेताओं के साथ रणनीतिक बैठकों में जुटे हैं ताकि राज्य में आगामी चुनावी स्थिति को मजबूती से संभाला जा सके।
कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली के 10 राजाजी मार्ग पर एक अहम बैठक की। इसमें पश्चिम बंगाल इकाई के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य राज्य की आगामी विधानसभा चुनाव रणनीति तय करना था।
कांग्रेस फिलहाल बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने की योजना पर विचार कर रही है और टीएमसी के खिलाफ 294 सीटों पर सीधा मुकाबला करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने किसी भी गठबंधन को लेकर अभी तक कोई चर्चा शुरू नहीं की है।
भाजपा की बैठक
दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल के सांसदों के साथ बैठक की। इसमें सांसदों की चिंताओं को सुना गया और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया। भाजपा सांसद राजू बिस्टा ने बताया कि बैठक में राज्य से सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद शामिल हुए।
बिस्टा ने कहा कि यह पूरी बैठक संगठनात्मक थी और सांसदों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उनका कहना था कि भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नेताओं के साथ परिवार जैसे माहौल में मिलते हैं, जिससे संगठन और मजबूत होता है।
राजनीतिक परिदृश्य
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी को भाजपा से चुनौती मिल रही है। कांग्रेस की कोशिश है कि वे अकेले चुनाव लड़कर पार्टी की स्थिति मजबूत करें। भाजपा भी ‘असम मॉडल’ जैसी रणनीति का सहारा लेकर राज्य में अपनी पकड़ बढ़ाना चाह रही है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दोनों दलों की बैठकों से चुनाव से पहले बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य और अधिक सक्रिय और प्रतिस्पर्धी होगा।




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