Up kiran,Digital Desk : एम्स (AIIMS) ने बीते 13 महीने में रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल ने दावा किया है कि यह देश में पहली बार है जब किसी चिकित्सीय संस्थान ने रोबोट की मदद से जनरल सर्जरी को इतनी संख्या में अंजाम दिया है।
निशुल्क सर्जरी और बढ़ी सटीकता
एम्स में रोबोट की मदद से की गई सभी सर्जरी मरीजों के लिए निशुल्क की गई। रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन में सटीकता बढ़ी है, चीर-फाड़ कम हुआ और खून का रिसाव भी काफी घट गया। 2024 के 5 नवंबर को एम्स के सर्जिकल ब्लॉक में पहली बार दा विंची रोबोट का उपयोग कर सर्जरी शुरू की गई थी।
रोबोटिक तकनीक के फायदे
सर्जिकल डिसिप्लिन्स विभाग प्रमुख डॉ. सुनील चंबर ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान थ्री-डायमेंशनल विजन प्राप्त करते हैं, जिससे मुश्किल सर्जरी आसान हो जाती है। खासकर उन मामलों में, जहां ओपन सर्जरी मुश्किल होती है, रोबोटिक सर्जरी बेहद कारगर साबित होती है।
एम्स में रोबोटिक सर्जरी का ढांचा
एम्स में रोबोटिक सर्जरी के लिए चौथी जेनरेशन के आठ रोबोट उपलब्ध हैं, जिनमें से दो का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जाता है। डॉ. चंबर ने कहा कि गॉल ब्लैडर की ओपन सर्जरी वाले मरीज सामान्यतः पांच से सात दिन में डिस्चार्ज होते हैं, लेप्रोस्कोपी से सर्जरी करने पर दो दिन और रोबोटिक सर्जरी में केवल एक दिन में छुट्टी मिल जाती है।
एक हजार सर्जरी की उपलब्धि
डॉ. चंबर ने बताया कि एम्स ने 13 महीनों में एक हजार रोबोटिक सर्जरी कर सफलता हासिल की है। यह संख्या देश के किसी अन्य संस्थान में अभी तक नहीं देखी गई है।
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