दिल्ली दंगों को लेकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा के विवादित बोल, कहा- फिर करूंगा ऐसा अगर॰॰॰

कपिल मिश्रा ने कहा है कि नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधने वाला जो बयान उन्होंने दिया था, उसका उन्हें कोई पछतावा नहीं है और जरूरत पड़ी तो वह फिर से ऐसा करेंगे।

बीते वर्ष राजधानी दिल्ली में हुए दंगे को आज 1 वर्ष पूरा हो गया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधने वाला जो बयान उन्होंने दिया था, उसका उन्हें कोई पछतावा नहीं है और जरूरत पड़ी तो वह फिर से ऐसा करेंगे। बताया जाता है कि कपिल मिश्रा के बयान के अगले दिन दिल्ली में दंगे हुए थे।

Kapil mishra

आम आदमी पार्टी के पूर्व एमएलए कपिल मिश्रा ने कहा कि जब भी सड़कें रोकी जाएंगी और लोगों को काम पर या बच्चों को स्कूल जाने से रोका जाएगा तो इसे रोकने के लिए वहां हमेशा कपिल मिश्रा होगा। उन्होंने डेल्ही रॉयट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी नाम की पुस्तक के विमोचन पर कहा कि मैंने जो किया है, मैं फिर करूंगा। मुझे कोई पछतावा नहीं है, सिवाए इसके कि मैं दिनेश खटीक, अंकित शर्मा (दंगा पीड़ित) और कई अन्य की जान नहीं बचा सका। ये पुस्तक उनके विरूद्ध भयावह प्रचार ‘के विरूद्ध’ उम्मीद की एक किरण“ है, जिसके अंतर्गत उन्हें दंगों के लिए अपराधी ठहराया जा रहा है।

26 जनवरी पर कृषि कानूनों के विरूद्ध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा का हवाला देते हुए मिश्रा ने कहा कि “प्रदर्शन से दंगा तक का यह मॉडल बहुत स्पष्ट है।“ कपिल ने कहा, “लोकतंत्र में अल्टीमेटम (अंतिम चेतावनी) देने का और क्या तरीका है? मैंने एक पुलिस अफसर के सामने ऐसा किया। क्या दंगा शुरू करने वाले लोग पुलिस के सामने अल्टीमेटम देते हैं? ”

हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी

बीते वर्ष 23 फरवरी को मिश्रा ने अपने विवादित बयान में जाफराबाद में सड़क पर संशोधित CAA के विरूद्ध प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने की चेतावनी दी थी। एक वर्ग मानता है कि उनके इस भाषण के बाद ही सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी और नागरिकता कानून के समर्थकों तथा विरोधियों की बीच झड़पें हुई थीं। दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

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