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Up Kiran, Digital Desk:  दिल्ली में मानसून के बाद की बीमारियां हर साल लोगों को परेशान करती हैं, लेकिन इस साल हालात कुछ ज्यादा ही गंभीर नजर आ रहे हैं। एक तरफ डेंगू के मच्छर का डंक लोगों को बीमार कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ मच्छरों से बचाने वाली पहली रक्षा कवच ही कमजोर पड़ गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की जो ताज़ा रिपोर्ट आई है, वो डराने वाली है। राजधानी में इस साल अब तक डेंगू के मामलों का आंकड़ा 1,136 तक पहुंच गया है।

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह सिर्फ डेंगू का मौसमी प्रकोप नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी वजह दिल्ली के स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल भी है, जिसने इस लड़ाई को और भी मुश्किल बना दिया है।

क्यों बढ़ रहे हैं इतने मामले?

 

दिल्ली में मानसून के जाने के बाद जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जो एडीज मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अच्छी जगह होती है। यही मच्छर डेंगू फैलाते हैं। हर साल इस मौसम में मामले बढ़ते हैं, लेकिन इस बार उछाल कुछ ज्यादा ही तेज है। MCD की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में ही सैकड़ों नए मामले सामने आए हैं, जो यह बताता है कि मच्छरों को रोकने की कोशिशें जमीन पर नाकाम हो रही हैं।

हड़ताल ने कैसे बिगाड़ा खेल?

 

इस खतरनाक स्थिति को और बिगाड़ने का काम किया है MCD के DBC (डेंगी ब्रीडिंग चेकिंग) कर्मचारियों की हड़ताल ने। ये वही कर्मचारी हैं जो घर-घर जाकर चेक करते हैं कि कहीं कूलर, गमलों या टायरों में पानी तो जमा नहीं है। ये फॉगिंग करते हैं और दवाइयों का छिड़काव करते हैं।

सोचिए, जो लोग मच्छरों को पनपने से रोकने का सबसे पहला और जरूरी काम करते हैं, अगर वही हड़ताल पर चले जाएं तो क्या होगा? नतीजा सबके सामने है। जांच और रोकथाम का काम रुक गया है, जिससे मच्छरों को पनपने का खुला मैदान मिल गया है। इस दोहरी मार के बीच आम दिल्ली वाला पिस रहा है।

डेंगू के लक्षण और बचाव - क्या करें, क्या न करें?

 

यह बीमारी जितनी आम है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को ये लक्षण दिखें, तो सावधान हो जाएं:

तेज बुखार

सिर में बहुत तेज दर्द

जोड़ों और मांसपेशियों में असहनीय दर्द

जी मिचलाना और उल्टी होना

त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है:

 

अपने घर और आस-पास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी हफ्ते में एक बार जरूर बदलें।

पूरी बाजू के कपड़े पहनें, ताकि मच्छर काट न सकें।

रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

डेंगू के लक्षण दिखने पर खुद डॉक्टर न बनें। तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

दिल्ली इस समय एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती से जूझ रही है। एक तरफ बीमारी है, तो दूसरी तरफ सिस्टम की लाचारी। ऐसे में, सरकार को हड़ताल खत्म कराने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है और आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर मच्छरों से बचाव के हर संभव उपाय करने होंगे।