img

Up kiran,Digital Desk : देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आतंकवाद के खौफनाक मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। दिल्ली को दहलाने और टारगेट किलिंग (Target Killing) को अंजाम देने की फिराक में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सीमा-पार गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने 9 संदिग्ध गुर्गों को दबोचकर उनके पास से 18 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं।

पाकिस्तान-नेपाल-बांग्लादेश कनेक्शन: सीमा पार से रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े हुए हैं। यह गैंग पड़ोसी देशों के संपर्कों का इस्तेमाल कर बिहार के मुंगेर के रास्ते कई राज्यों में हथियारों की तस्करी कर रहा था। एजेंसियों को संदेह है कि इन हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली सहित देश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों में अशांति फैलाने और बड़े नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जाना था।

NIA का वांटेड शाहबाज अंसारी रडार पर

इस पूरी साजिश में एनआईए (NIA) के वांटेड अपराधी शाहबाज अंसारी की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। शाहबाज अंसारी वही आरोपी है जिसका नाम प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की सप्लाई में भी आया था। मूल रूप से यूपी के खुर्जा का रहने वाला शाहबाज इस गिरोह का अहम हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) की पहली बरसी के ठीक बाद हुई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं।

नोएडा से जुड़े तार: ISI के इशारे पर बन रहे थे 'स्लीपर सेल'

आतंकी साजिश की यह कड़ी केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में यूपी एटीएस (UP ATS) ने नोएडा से दो गैंगस्टरों—तुषार चौहान (उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान) और समीर खान को गिरफ्तार किया था। ये दोनों सीधे तौर पर ISI के निर्देशों पर काम कर रहे थे।

सोशल मीडिया का जाल: ये आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को भड़काकर 'स्लीपर सेल' तैयार कर रहे थे।

लालच और पासपोर्ट का वादा: पूछताछ में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने हिज्बुल्लाह अली को 3 लाख रुपये और हमले के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान सुरक्षित पहुंचाने का वादा किया था।

हैंडलर्स के नाम: इनके संपर्क 'मेजर हामिद', 'मेजर इकबाल' और 'मेजर अनवर' जैसे ISI एजेंटों से थे, जो इन्हें फंड और हथियार उपलब्ध करा रहे थे।

टारगेट किलिंग और रेकी का था प्लान

पकड़े गए आतंकी गुर्गे और गैंगस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट्ट के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील ठिकानों की रेकी करना और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की टारगेट किलिंग कर भारत की आंतरिक सुरक्षा को चोट पहुंचाना था। दिल्ली से हथियारों की यह बड़ी बरामदगी एक बड़े खतरे की ओर इशारा करती है जिसे समय रहते टाल दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए 9 आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके पूरे नेटवर्क का सफाया किया जा सके।