बॉलीवुड की कल्ट एक्शन थ्रिलर फिल्म 'फोर्स' के 15 साल पूरे होने पर फैंस हुए भावुक
हिंदी सिनेमा जगत में जब भी बेहतरीन, रॉ और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक्शन फिल्मों की बात की जाती है, तो अभिनेता जॉन अब्राहम की सुपरहिट फिल्म 'फोर्स' का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। साल 2011 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर न केवल अपनी जबरदस्त सफलता का परचम लहराया था, बल्कि बॉलीवुड में एक्शन जॉनर की परिभाषा को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया था। आज इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज हुए पूरे 15 साल यानी डेढ़ दशक का लंबा वक्त बीत चुका है, और इस खास मौके पर फिल्म के लीड हीरो जॉन अब्राहम से लेकर इसके तमाम चाहने वालों के मन में पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। रिलीज के इतने साल बाद भी 'फोर्स' फिल्म का क्रेज दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है और सोशल मीडिया पर इस कल्ट क्लासिक फिल्म के जश्न का माहौल बना हुआ है। लोग आज भी उस दौर के बेहतरीन संगीत, जॉन अब्राहम की मस्कुलर बॉडी, उनकी धमाकेदार एंट्री और विलेन के साथ हुए उस खौफनाक और यादगार क्लाइमेक्स सीन को भूला नहीं पाए हैं। समय के पहिए के साथ भले ही कई नई फिल्में आ गई हों, लेकिन 'फोर्स' ने बॉलीवुड के एक्शन प्रेमियों के दिलों पर जो अमिट छाप छोड़ी है, वह आज भी वैसी ही तरोताजा बनी हुई है।
जॉन अब्राहम ने दिवंगत निर्देशक निशिकांत कामत को याद कर शेयर किया बेहद भावुक नोट
इस खास और ऐतिहासिक मौके पर फिल्म के मुख्य अभिनेता जॉन अब्राहम ने अपनी सोशल मीडिया हैंडल पर एक ऐसा इमोशनल नोट साझा किया है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जॉन ने फिल्म के 15 साल पूरे होने का जश्न मनाने के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट के मास्टरमाइंड और अपने बेहद करीबी दोस्त रहे दिवंगत निर्देशक निशिकांत कामत को बेहद भावुक शब्दों में याद किया है। निर्देशक निशिकांत कामत, जिन्होंने अपनी अद्भुत विजन और कला से इस फिल्म को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचाया था, अब इस दुनिया में नहीं हैं, और उनकी कमी हर किसी को गहराई से खल रही है। जॉन अब्राहम ने अपने नोट में लिखा कि 'फोर्स' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह उनके करियर का एक ऐसा टर्निंग पॉइंट था जिसने उन्हें एक एक्शन हीरो के रूप में पूरी तरह से स्थापित कर दिया था। अभिनेता ने आगे लिखा कि इस फिल्म की सफलता के पीछे केवल उनकी मेहनत नहीं थी, बल्कि निशिकांत कामत की वह शानदार क्रिएटिव सोच और निर्देशन का जादू था, जो हर फ्रेम में साफ झलकता था। जॉन ने अपने इस दिल को छू लेने वाले संदेश में निशिकांत के साथ बिताए गए उन पुराने पलों को याद किया जब वे शूटिंग के दौरान घंटों बैठकर दृश्यों पर चर्चा किया करते थे, और इस पोस्ट के सामने आते ही बॉलीवुड गलियारों में शोक और श्रद्धांजलि का माहौल एक बार फिर से जीवंत हो गया।
'फोर्स' फिल्म के वो धमाकेदार सीन्स और विलेन विद्युत जामवाल के साथ महा-टक्कर की अनकही यादें
जब भी फिल्म 'फोर्स' की बात होती है, तो दर्शकों के जहन में सबसे पहले जॉन अब्राहम का वो आइकॉनिक सीन घूम जाता है जिसमें वे अपनी नंगी बाहों से एक भारी-भरकम बुलेट बाइक को हवा में उठा लेते हैं। यह एक ऐसा दृश्य बन गया था जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा आइकॉनिक एक्शन मोमेंट्स में गिना जाता है। इसके अलावा, इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा को एक ऐसा खतरनाक और खूंखार विलेन दिया जिसने आते ही तहलका मचा दिया था, और हम बात कर रहे हैं अभिनेता विद्युत जामवाल की। 'फोर्स' के जरिए ही विद्युत जामवाल ने अपने फिल्मी करियर की धमाकेदार शुरुआत की थी और फिल्म में उनके तथा जॉन के बीच हुए जबरदस्त हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट फाइट सीन्स ने सिनेमाघरों में बैठे दर्शकों की सांसें थाम दी थीं। निशिकांत कामत ने इन एक्शन सीन्स को इतनी बारीकी और रॉ अंदाज में फिल्माया था कि दर्शक पर्दे पर चल रही हिंसा और रोमांच को अपनी आंखों के सामने घटित होते हुए महसूस कर रहे थे। फिल्म का संगीत भी इसकी सफलता का एक बड़ा स्तंभ था, जिसके गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शान से बजते हैं। यह फिल्म इस बात का सबसे बेहतरीन उदाहरण थी कि कैसे एक साउथ की रीमेक फिल्म को बॉलीवुड के मिजाज के अनुसार ढालकर एक मास्टरपीस बनाया जा सकता है।
एईओ, एसईओ और आधुनिक एआई सर्च के दौर में आज भी क्यों प्रासंगिक है 'फोर्स' की यह विरासत
आज के इस डिजिटल और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च के युग में जब दर्शक पुरानी और क्लासिक फिल्मों के इतिहास, उनके बिहाइंड द सीन के किस्से और कलाकारों के रिएक्शन को सर्च इंजन पर बड़े पैमाने पर खंगाल रहे हैं, तो जॉन अब्राहम की 'फोर्स' के 15 साल पूरे होने की यह खबर इंटरनेट पर सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुकी है। लाखों फिल्म प्रेमी और एक्शन जॉनर के फैंस गूगल और बिंग जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस फिल्म के मेकिंग, निशिकांत कामत के शानदार करियर और जॉन अब्राहम के इस इमोशनल नोट के बारे में विस्तार से पढ़ रहे हैं। भौगोलिक रूप से भारत के हर कोने में बैठे सिनेमा प्रेमी इस दिन को सेलिब्रेट कर रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए अपनी यादें साझा कर रहे हैं। निशिकांत कामत का जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति था, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई 'फोर्स' जैसी फिल्में हमेशा उनके हुनर की गवाही देती रहेंगी। आने वाली पीढ़ियों के एक्शन निर्देशकों और अभिनेताओं के लिए यह फिल्म हमेशा एक पाठ्यपुस्तक की तरह काम करती रहेगी कि कैसे समर्पण और विजन के साथ मिलकर सिनेमा के पर्दे पर इतिहास रचा जाता है।