32 साल बाद सेवानिवृत्त हुए गिरीश बाबू तो अधिकारियों-कर्मचारियों ने भावुक होकर दी विदाई

नगर पालिका जलालाबाद के बाबू गिरीश जी 32 साल बाद हुए सेवानिवृत्त लोगों ने भावुक होकर आंखों में आंसू भर कर दी विदाई ।

राम निवास शर्मा मैथिल

शाहजहांपुर। नगर पालिका जलालाबाद के बाबू गिरीश जी 32 साल बाद हुए सेवानिवृत्त लोगों ने भावुक होकर आंखों में आंसू भर कर दी विदाई ।

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नगर पालिका जलालाबाद में जल कल लपिक एवं रिस्टोर इंचार्ज गिरीश बाबू ने अपनी नौकरी का सफर 1988 से जलकल लिपिक के रूप में शुरू किया है।तब से अनवरत उन्होंने नगरपालिका के लोगों को अपने कार्यों एवं सद्गुणों से इतना प्रिय बना दिया कि नगर पालिका के सबसे लोकप्रिय कर्मचारी बन कर उभरे।

किसान परिवार से ताल्लुक रखते है गिरीश बाबू

गिरीश बाबू जी रामगंगा नदी की कटरी में जन्मे मगटोरा गांव के मूल निवासी थे ।1988 में एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे अपनी पढ़ाई में भी कुशल बुद्धि और अग्रणी रहने वाले छात्र को पूर्व चेयरमैन ने दरियादिली से नगर पालिका जलालाबाद में नौकरी दी । शुरू में कुछ दिन एक संविदा कर्मी की तरह नौकरी शुरू की परंतु शीघ्र अपनी कर्मठता और कुशलता एवं सादगी और मेहनत और लगन के कारण नगर पालिका प्रशासन ने उनको स्थाई पद पर नियुक्त कर दिया।

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अश्रुपूर्ण क्षणों के साथ विदाई दी

आज 32 साल की लंबी सेवा में सर्वाधिक लोकप्रिय कर्मचारी के रूम में को सेवानिवृत्त हुए। उनके सेवक उनके सेवानिवृत्त होने पर नगर पालिका प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद कमेटी ने उनके सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया ।इस आयोजन में नगर के प्रमुख गणमान्य नागरिकों माननीय सभासदों ने उनको फूल माला पहनाकर ,स्मृति चिन्ह देकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हुए उन्हें अश्रुपूर्ण क्षणों के साथ विदाई दी।

कार्यों की वजह से पहचाने जाते हैं बाबू जी-गौरव राघव

विदाई समारोह में संबोधित करते हुए गौरव राघव ने बताया गिरीश बाबू जी ने कोरोना संकटकाल में नगर के जनता गरीबों दीन दुखियों की जिस प्रकार सेवा की,जो कोई और नहीं कर सकता था । उन्होंने दिन-रात गरीबों को उस समय खाना बनवा कर पहुंचाया ,उनको राशन किट पहुंचाई ,ऐसे कर्मठ व्यक्ति जिसने दिन को रात दिन बरसात ठंड कुछ भी मौसम हो सहजता से हाजिर होकर लोगों की तनमयता से सेवा की ।आज बाबू जी जो कुछ भी हैं अपने कर्मों और कार्यों की वजह से पहचाने जाते हैं।

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अवर अभियंता वीर पाल पटेल बोले

नगरपालिका के अवर अभियंता वीर पाल पटेल ने अपने संबोधन में बताया कि वह एक ऐसे शख्स थे जो नगरपालिका का आधा काम अकेले संभालते थे चाहे यांत्रिकी का कार्य हो सिविल का कार्य हो उसके अलावा नगर पालिका के सोशल कार्यों में बढ़-चढ़कर दिलचस्पी के साथ हिस्सा लेते थे ।

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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बोले

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दयाशंकर वर्मा ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि मुझे 3 साल यहां पर आए हो गए हैं ,परंतु गिरीश बाबू ने जिस तरीके से नगरपालिका के दायित्व को सरकार की नीतियों को बखूबी निभाया जो सभी के चहेते बन गए। कभी किसी को कोई भी जरूरत होती थी तो गिरीश बाबू को ही याद किया जाता था ।उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं सेवा सराहना के रूम में हम कभी भी उनको भूल नहीं पाएंगे और यदि नगरपालिका को सेवाओं की जरूरत पड़ी तो उन्होंने उनसे सेवा देने का अनुरोध भी किया।

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गिरीश बाबू को एक कर्मचारी नहीं अपना भाई समझा-चेयरमैन

वही सबसे भावुक क्षण उस समय उत्पन्न हो गए जब नगर पालिका के चेयरमैन मुनेन्द्र बाबू गुप्ता ने उनके संबोधन में बोलना शुरू किया तो उनकी आंखों से आंसुओं की धारा वह पड़ी। उन्होंने गिरीश बाबू को एक कर्मचारी नहीं अपना भाई समझा और उनको जब भी कोई भी काम सौंपा तो समय से पहले उन्होंने पूरा करके अपना वादा निभाया। लोगों के इतने चाहते थे उनके योगदान को नगरपालिका सदैव याद रखेगी ।उन्होंने उनको घड़ी शाल और माला पहनाकर विदाई दी। इससे पूर्व भी कई सभासदों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके लिए कुछ ना कुछ शब्द कहे ।

आज हुए समारोह में जो हाल खचाखच भरा हुआ था सभी ने कुछ ना कुछ उपहार देकर फूल माला पहनाकर उनका जन्म गर्मजोशी से स्वागत किया ।इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ उनके विदाई समारोह बजाते हुए लोग उनको उनके आवास याकूब तिराहे तक ले गए यहां पर एक भोज का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर सभासद युसूफ अली विजय गुप्ता नगर मंत्री भाजपा विश्वास गुप्ता भरत गुप्ता बृज किशोर गुप्ता डब्बू सिंह साहिल अहमद करमचारी गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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