क्या आपकी जीभ का रंग पीला हो रहा है? जानिए ओरल हाइजीन

क्या आपकी जीभ का रंग पीला हो रहा है? जानिए ओरल हाइजीन

मानव शरीर एक ऐसा अद्भुत और जटिल यंत्र है, जो किसी भी अंदरूनी बीमारी या गड़बड़ी के पैदा होने से पहले ही बाहरी संकेतों के माध्यम से हमें चेतावनी देना शुरू कर देता है। हमारे स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए डॉक्टर अक्सर हमारी जीभ (Tongue) देखने के लिए कहते हैं, क्योंकि जीभ का रंग, उसकी बनावट और उस पर जमी परत हमारे पाचन तंत्र, ओरल हाइजीन और आंतरिक अंगों की सेहत का खुला राज बयां करती है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ मनुष्य की जीभ का रंग हल्का गुलाबी होता है, लेकिन यदि आपकी जीभ का रंग बदलकर पीला (Yellow Tongue) पड़ने लगा है, तो यह महज मामूली बात नहीं है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जीभ का पीला होना इस बात का स्पष्ट संकेत हो सकता है कि आपकी ओरल हाइजीन बिगड़ रही है या फिर आपके शरीर के भीतर डायबिटीज और लिवर से जुड़ी कोई गंभीर बीमारी घर बना रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि जीभ का पीलापन किन कारणों से होता है और यह डायबिटीज व अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से कैसे जुड़ा हुआ है।

ओरल हाइजीन की अनदेखी और जीभ पर बैक्टीरिया का जमना

जीभ के पीले होने का सबसे पहला और सामान्य कारण हमारी खराब ओरल हाइजीन (Poor Oral Hygiene) है। हम में से अधिकांश लोग रोज सुबह उठकर केवल दांतों को ब्रश करते हैं, लेकिन अपनी जीभ की सफाई करने या टंग क्लीनर का उपयोग करने में लापरवाही बरतते हैं। इसके परिणामस्वरूप, जीभ की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे पपिलाए (Papillae) के बीच मृत कोशिकाएं, खाने के बारीक कण, धूल और हानिकारक बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। जब ये बैक्टीरिया और फंगस जीभ पर अधिक मात्रा में पनप जाते हैं, तो वे एक पीली या भूरी सी परत का रूप ले लेते हैं। इसके अलावा तंबाकू का सेवन, धूम्रपान, गुटखा खाना, अत्यधिक मात्रा में कॉफी या चाय पीना और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के कारण भी जीभ का रंग पीला पड़ने लगता है। यदि समय रहते मुंह की सफाई पर ध्यान न दिया जाए, तो यह मुंह से बदबू आने और मसूड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

जीभ का पीला रंग और डायबिटीज के बीच का छिपा हुआ खतरनाक कनेक्शन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डायबिटोलॉजिस्ट्स की कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जीभ का रंग बदलना डायबिटीज (Diabetes) जैसी गंभीर मेटाबॉलिक बीमारी का एक शुरुआती संकेत हो सकता है। जब किसी व्यक्ति के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय तक अनियंत्रित रहता है, तो उसके मुंह में लार (Saliva) का उत्पादन कम होने लगता है, जिससे मुंह सूखने (Dry Mouth) की समस्या पैदा हो जाती है। लार हमारे मुंह की प्राकृतिक सफाई करने और बैक्टीरिया को पनपने से रोकने का काम करती है। लार की कमी के कारण मुंह में शुगर और बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे जीभ पर पीली परत जमने लगती है। इसके अलावा, अनियंत्रित डायबिटीज के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है, जिसके कारण वे फंगल इन्फेक्शन जैसे कि ओरल थ्रश (Oral Thrush) का आसानी से शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति में भी जीभ पर पीलापन या सफेद-पीले धब्बे दिखाई देने लगते हैं।

लिवर और पाचन तंत्र की गड़बड़ी का भी देता है संकेत

ओरल हाइजीन और डायबिटीज के अलावा, पीली जीभ का सीधा संबंध हमारे लिवर और पाचन तंत्र (Digestive System) से भी हो सकता है। यदि आपके लिवर में सूजन है, फैटी लिवर की समस्या है, या पित्त की थैली (Gallbladder) में कोई विकार है, तो शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin) का स्तर बढ़ने लगता है, जिसके कारण पीलिया (Jaundice) की शुरुआत होती है। पीलिया के शुरुआती लक्षणों में आंखों के सफेद हिस्से के साथ-साथ जीभ और त्वचा का रंग भी हल्का पीला पड़ने लगता है। इसके साथ ही, यदि आपका पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है, पेट में गैस, कब्ज या एसिडिटी की पुरानी समस्या है, तो भी जीभ पर टॉक्सिन्स यानी गंदगी की एक पीली परत जम जाती है। आयुर्वेद में भी यह माना जाता है कि जीभ पर जमी पीली परत खराब पाचन और पेट में Ama (विषैले तत्व) के संचय का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

जीभ के रंग में बदलाव दिखने पर किन बातों का रखें ध्यान और कब जाएं डॉक्टर के पास?

यदि आपको भी अपने या अपने किसी परिवारजन की जीभ पर पीली परत दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले अपनी दैनिक जीवनशैली और ओरल हाइजीन में सुधार करें। रोजाना दिन में दो बार ब्रश करने के साथ-साथ टंग क्लीनर से जीभ को हल्के हाथों से साफ करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। तंबाकू, सिगरेट और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से पूरी तरह तौबा कर लें। हालांकि, यदि जीभ की सफाई करने के बावजूद यह पीलापन कुछ दिनों में ठीक नहीं होता है, या इसके साथ-साथ अत्यधिक थकान, मुंह में सूखापन, बार-बार पेशाब आना या शरीर के अन्य हिस्सों में पीलापन महसूस होता है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी योग्य चिकित्सक या डेंटिस्ट से संपर्क करें और अपना ब्लड शुगर तथा लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) करवाएं। समय पर की गई जांच और सावधानी आपको किसी भी बड़ी स्वास्थ्य आपदा से सुरक्षित रख सकती है।