चलते समय पैरों और अंगूठे में अचानक तेज दर्द और सूजन

चलते समय पैरों और अंगूठे में अचानक तेज दर्द और सूजन

आज के समय में हमारी बदलती जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण शरीर में कई ऐसी बीमारियां घर कर जाती हैं जिनके बारे में हमें शुरुआती दौर में बिल्कुल भी भनक नहीं लगती है। ऐसी ही एक शांत और तेजी से फैलने वाली स्वास्थ्य समस्या है शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) का स्तर बढ़ जाना, जिसे आमतौर पर लोग आम जोड़ों का दर्द या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। क्या आपने कभी महसूस किया है कि सुबह उठकर चलते समय या दिनभर के काम के बाद आपके पैरों के तलवों, एड़ियों या खासतौर पर पैर के अंगूठे में अचानक से असहनीय दर्द, लालिमा और सूजन महसूस होने लगती है? यदि आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो सावधान हो जाइए क्योंकि यह बढ़ा हुआ यूरिक एसिड होने का एक बेहद प्रमुख और शुरुआती संकेत हो सकता है। जब खून में प्यूरीन (Purine) का टूटना बढ़ जाता है और किडनी इसे सही तरीके से फिल्टर करके बाहर नहीं निकाल पाती, तो यूरिक एसिड के क्रिस्टल हमारे जोड़ों में जमा होने लगते हैं, जिससे गाउट (Gout) यानी गठिया जैसी गंभीर समस्या पैदा हो जाती है। आइए जानते हैं कि पैरों के दर्द और यूरिक एसिड का आपस में क्या कनेक्शन है और इसकी सही सच्चाई क्या है।

Understanding Uric Acid and Foot Pain: क्या होता है यूरिक एसिड, क्यों पैरों के अंगूठे और जोड़ों को बनाता है यह अपना सबसे पहला निशाना

यूरिक एसिड एक अपशिष्ट पदार्थ (Waste Product) है जो हमारे शरीर में प्यूरीन नामक केमिकल के टूटने से बनता है। प्यूरीन हमारे द्वारा खाए जाने वाले कई प्रकार के खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, सीफूड, दालों, राजमा, मशरूम और कुछ खास तरह की सब्जियों व ड्रिंक्स में पाया जाता है। सामान्य स्थिति में यह खून के जरिए किडनी तक पहुंचता है और पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बनने लगती है या किडनी इसे बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है, तो यह क्रिस्टल या सुई जैसी नुकीली संरचनाओं के रूप में हमारे जोड़ों (Joints) के बीच इकट्ठा होने लगता है। पैर का अंगूठा (Big Toe) हमारे शरीर का सबसे निचला हिस्सा होता है और गुरुत्वाकर्षण के कारण यूरिक एसिड के क्रिस्टल सबसे पहले वहीं आकर जमा होते हैं। यही वजह है कि यूरिक एसिड के मरीजों को सबसे पहले चलने-फिरने के दौरान पैर के अंगूठे में तेज चुभन वाला दर्द और सूजन महसूस होती है।

Early Signs and Symptoms to Watch: इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, जानिए कैसे पहचानें कि आपके शरीर में बढ़ रहा है प्यूरीन का स्तर

बढ़े हुए यूरिक एसिड की समस्या केवल जोड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह समय रहते ध्यान न देने पर हड्डियों को अंदर से कमजोर कर सकती है। यदि आपको भी सुबह बिस्तर से उठकर फर्श पर पैर रखते ही एड़ियों में तेज दर्द होता है, पैर के अंगूठे का जोड़ लाल और छूने पर बहुत गर्म महसूस होता है, या फिर घुटनों और टखनों में अकड़न बनी रहती है, तो आपको तुरंत अपना ब्लड यूरिक एसिड टेस्ट करवा लेना चाहिए। सामान्य पुरुषों में यूरिक एसिड का स्तर 3.5 से 7.0 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर और महिलाओं में 2.4 से 6.0 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच होना चाहिए। यदि यह स्तर इससे ऊपर जाने लगता है, तो शरीर आपको पहले ही चेतावनी देना शुरू कर देता है। इन शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लेना ही भविष्य में होने वाली गंभीर गठिया (Gout Attack) की समस्या से बचने का सबसे अचूक उपाय है।

Lifestyle and Dietary Modifications: खानपान में बदलाव और सही दिनचर्या अपनाकर कैसे प्राकृतिक रूप से कंट्रोल करें यूरिक एसिड का स्तर

यदि जांच में आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ आता है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इसे सही खानपान और अनुशासित जीवनशैली के जरिए आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। सबसे पहले अपने पानी पीने की मात्रा को बढ़ाएं; दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने से यूरिक एसिड आसानी से पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। अपने भोजन में प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, खमीरी चीजें, प्रोसेड शुगर और अत्यधिक ठंडे कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। इसके बजाय विटामिन सी से भरपूर चीजें जैसे नींबू पानी, संतरा, आंवला और फाइबरयुक्त हरी पत्तेदार सब्जियों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। नियमित रूप से हल्की सैर, योग और प्राणायाम करने से भी शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधरता है और यूरिक एसिड कभी भी आपके जोड़ों को नुकसान नहीं पहुंचा पाता है।